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Rajasthan: ‘लड़कियों की खरीद-फरोख्त और महिला अत्याचारों के प्रति राजस्थान पुलिस सख्त’
Sun, 30 Oct 2022 10:04 AM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sun, 30 Oct 2022 10:04 AM IST
सार
राजस्थान पुलिस महानिदेशक ने कहा, महिलाओं के खिलाफ घटित अपराधों पर राजस्थान पुलिस अत्यंत संवेदनशील बरतकर महिला अत्याचार से संबंधित मामलों पर विशेष निगरानी रख रही है। इन अपराधों की रोकथाम और अनुसंधान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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राजस्थान पुलिस महानिदेशक एमएल लाठर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
राजस्थान पुलिस महानिदेशक एमएल लाठर ने बताया, महिलाओं एवं नाबालिगों की खरीद-फरोख्त और अनैतिक कार्य कराए जाने के संबंध में संवेदनशील स्थानों पर लगातार पुलिस निगरानी रख आसूचना एकत्रित कर रही है। पूर्व में कुछ समाज विशेष में घर की महिलाओं से वेश्यावृत्ति कराए जाने जैसी सामाजिक कुरुति व्याप्त थी। वर्तमान में राजस्थान पुलिस की ओर से ऐसी अनैतिक गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखकर इन घटनाओं पर काफी हद तक नियंत्रण किया जा चुका है। इन अवांछित गतिविधियों के संबंध में सूचना प्राप्त होते ही पुलिस तुरंत विधिक कार्रवाई अमल में लाती है।
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महानिदेशक लाठर ने बताया, प्रकाशित समाचार में दो पीड़ित लड़कियों के बारे में बताया गया है। दोनों ही पीड़िताएं वर्तमान में अजमेर के नारी निकेतन में रह रही हैं। दोनों पीड़ित लड़कियों के साथ घटित घटना के संबंध में साल 2019 में भीलवाड़ा जिले के हनुमाननगर थाना में अभियोग संख्या 153/2019 आईपीसी की संबंधित विभिन्न धाराओं, पॉक्सो एक्ट, जेजे एक्ट और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर 25 मुलजिमों के खिलाफ जुर्म प्रमाणित किया और कोर्ट में चार्जशीट पेश की जा चुकी है।
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लाठर ने बताया कि साल 2019 में लड़कियों की खरीद-फरोख्त के संबंध में भीलवाड़ा जिले में ऑपरेशन गुड़िया चलाया गया था। तत्कालीन एसपी हरेंद्र महावर एवं एडिशनल एसपी अनुकृति उज्जेनिया और उनकी टीम ने किडनैप कर लाई गई बच्चियों को अपहरणकर्ताओं से खरीद वेश्यावृत्ति करवाने वाले आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया। इनके द्वारा भीलवाड़ा के इटुन्दा, पंढेर, हनुमान नगर और अजमेर के सांवर थाना क्षेत्र के नापाखेड़ा और जसवंत नगर में वेश्यावृत्ति के अड्डे संचालित किये जा रहे थे। इन अड्डों पर किडनैप कर लाई गई बच्चियों को दवाओं के माध्यम से जवान बनाकर वेश्यावृत्ति के धंधे में उतारा जाता था। पुलिस जांच में गिरोह के तार राजस्थान के पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश एवं मध्यप्रदेश तथा महाराष्ट्र से जुड़ा होना पाया जाने पर इन राज्यों के कई स्थानों पर दबिश दी गई। नाबालिग समेत सात पीड़ित बच्चियों को दस्तयाब कर लड़कियां खरीदने एवं बेचने वाले कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच के बाद 25 के विरुद्ध जुर्म प्रमाणित पाए जाने पर कोर्ट में चालान पेश किया गया।
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भीलवाड़ा पुलिस ने राज्य के कई शहरों के अलावा उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में छापा मारकर लड़कियों की खरीद-फरोख्त करने वाले मुख्य सरगना समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया और सात पीड़ित लड़कियों को दस्तयाब किया। दस्तयाब की गई सात में से पांच पीड़ित लड़कियों को उनके घर भिजवाया गया, जबकि इन दो की नारी निकेतन अजमेर में ठहराने की व्यवस्था कराई गई।