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मेरिट में पहला स्थान, फिर भी नियुक्ति क्यों नहीं-हाईकोर्ट
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 03 Nov 2017 07:42 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग और इंडियन नर्सिंग कौंसिल के रजिस्ट्रार को नोटिस जारी कर पूछा है कि नर्सिंग ट्यूटर भर्ती-2016 की मेरिट में पहले स्थान पर आने के बावजूद भी अभ्यर्थी को नियुक्ति क्यों नहीं दी गई। इसके साथ ही अदालत ने एक पद रिक्त रखने के आदेश दिए हैं।
न्यायाधीश अशोक कुमार गौड़ की एकलपीठ ने यह आदेश जितेन्द्र सिंह की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता अंकुर रस्तोगी ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार ने गत वर्ष नर्सिंग ट्यूटर के लिए कोटा नर्सिंग कॉलेज में नौ पदों पर भर्ती निकाली। जिसमें याचिकाकर्ता मेरिट में पहले नंबर पर आया। इसके बावजूद भी उसे नियुक्ति के लिए जारी की गई अस्थाई मेरिट लिस्ट में शामिल नहीं किया गया। जब याचिकाकर्ता ने इसका कारण पूछा तो कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दिया गया।
जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए एक पद रिक्त रखने के आदेश दिए हैं।
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न्यायाधीश अशोक कुमार गौड़ की एकलपीठ ने यह आदेश जितेन्द्र सिंह की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता अंकुर रस्तोगी ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार ने गत वर्ष नर्सिंग ट्यूटर के लिए कोटा नर्सिंग कॉलेज में नौ पदों पर भर्ती निकाली। जिसमें याचिकाकर्ता मेरिट में पहले नंबर पर आया। इसके बावजूद भी उसे नियुक्ति के लिए जारी की गई अस्थाई मेरिट लिस्ट में शामिल नहीं किया गया। जब याचिकाकर्ता ने इसका कारण पूछा तो कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दिया गया।
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जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए एक पद रिक्त रखने के आदेश दिए हैं।