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फलाहारी की जेल में पहली रात: कल रहा भूखा, अाज मिले दो केले

Sun, 24 Sep 2017 05:41 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Sun, 24 Sep 2017 05:41 PM IST
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First night in Jail of Falahari baba
फलाहारी बाबा - फोटो : अमर उजाला
यौन शोषण के मामले में फंसे फलाहारी बाबा के लिए जेल में पहली रात बड़ी भारी रही। बाबा ने जेल की रोटी खाई नहीं और फलाहार मिला नहीं। आज बाबा के लिए फलाहार की व्यवस्था हुई। 
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फलाहारी बाबा कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य को अलवर की अदालत ने कल न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया था। मिली जानकारी के अनुसार, बीती रात जेल में बाबा ने कुछ नहीं खाया। दरअसल, यह बाबा केवल फल खाता है। उसे रात में वहां फल उपलब्ध नहीं हुए और ऐसे में उसे भूखा सोना पड़ा। 
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आज सुबह फलाहारी महाराज ने दो केले खाए। इसके बाद जेल में ही डॉक्टरों ने फलाहारी महाराज को ड्रिप भी चढ़ाई। इसकेे बाद उसे वापस बैरक में भेज दिया गया है। 
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मिलने पहुंचे दो चेले

First night in Jail of Falahari baba
फलाहारी महाराज
बाबा के दो शिष्य आज जेल मिलने पहुंचे थें। उन्होंने जेल प्रशासन से आग्रह किया था कि वे अपने साथ लाया गया फलाहार बाबा को देने दें। दोनों अपने साथ सेब, अनार और नारियल पानी लेकर आए थे। बताया जा रहा है कि जेल नियमों के तहत जेल प्रशासन ने उन्हे ये फल बाबा को देने की मंजूरी नहीं दी। 

कहा जाता है कि भक्त उसके नाम को लेकर ही आश्रम तक खिंचे चले आते हैं। दरअसल उसके नाम में फलाहारी शब्द जुड़ा है। लोगों के अनुसार फलाहारी से सीधा अर्थ ये है कि बाबा भोजन के रूप में केवल फलाहार का सेवन करता है। पीने के लिए गंगाजल को श्रेष्ठ बताता है।


 

छह अक्टूबर तक है जेल में

First night in Jail of Falahari baba
फलाहारी बाबा - फोटो : amar ujala
यौन शोषण के मामले में फंसे फलाहारी बाबा को कोर्ट ने छह अक्टूबर तक ​के लिए न्यायिक अभिरक्षा में भेजा है।

पुलिस ने अदालत में कहा था कि बाबा अपना अपराध कबूल कर चुका है और अधिक पूछताछ की जरूरत नहीं है। बाबा की ओर से अदालत में जमानत के लिए याचिका उनके वकील की ओर से लगाई गई, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।

इधर, जब पुलिस बाबा को कोर्ट में लेकर पहुंची, तो बाबा ने मीडिया से कहा था कि मुझे फंसाया गया है, मैं पूर्ण रुप से निर्दोष हूं। बाबा ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर भरोसा है। इस दौरान कोर्ट में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। बाबा का पुलिस ने अलवर के सरकारी अस्पताल में मेडिकल बोर्ड द्वारा मेडिकल कराया था, जहां उसके स्वस्थ होने की रिपोर्ट आई थी।
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