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बजरंग बली को ज्ञापन देकर इस महा संकट को दूर करने की लगाई अर्जी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 05 Aug 2017 05:32 PM IST
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इनसेट में बजरंग बली के नाम ज्ञापन सौंपते फैक्ट्री कर्मचारी साथ में भगवान के चरणों में रखा पत्र
- फोटो : amar ujala
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सड़क से संसद तक आंदोलन तो हम देखते और सुनते रहे है, लेकिन यह आंदोलन थोड़ा अलग है। मांगों की सुनवाई जब कहीं नहीं हुई तो ये आंदोलनकारी बजरंगबली के मंदिर में पहुंचे और उन्हें ज्ञापन भेंट किया।
यह मामला उदयपुर का है। यहां पवन चक्की बनाने वाली कंपनी रिजन पावर टेक में ले आॅफ चल रहा है। इसके चलते कर्मचारी बेरोजगार हो गए। परिवार चलाने का संकट इन कर्मचारियों के परिवारों के सामने आ खड़ा हुआ। परेशान कर्मचारियों ने कंपनी प्रशासन, सरकार, प्रशासन सब को अपनी समस्या बताई, लेकिन कोई हल नहीं निकला।
इसके बाद सभी 137 कर्मचारियों ने हनुमानजी की शरण में जाने का फैसला किया। वे भगवान के भोग रोट को लेकर उदयपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर नेशनल हाइवे 76 के भटेवर रोड पर बने मंशापूर्ण हनुमान जी के मंदिर में ढोल बजाते पहुंचे।
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यह मामला उदयपुर का है। यहां पवन चक्की बनाने वाली कंपनी रिजन पावर टेक में ले आॅफ चल रहा है। इसके चलते कर्मचारी बेरोजगार हो गए। परिवार चलाने का संकट इन कर्मचारियों के परिवारों के सामने आ खड़ा हुआ। परेशान कर्मचारियों ने कंपनी प्रशासन, सरकार, प्रशासन सब को अपनी समस्या बताई, लेकिन कोई हल नहीं निकला।
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इसके बाद सभी 137 कर्मचारियों ने हनुमानजी की शरण में जाने का फैसला किया। वे भगवान के भोग रोट को लेकर उदयपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर नेशनल हाइवे 76 के भटेवर रोड पर बने मंशापूर्ण हनुमान जी के मंदिर में ढोल बजाते पहुंचे।
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संकट मोचन को दिए ज्ञापन में लगाई ये गुहार
बजरंगी बली को सौंपा गया ज्ञापन पत्र
- फोटो : amar ujala
इन कर्मचारियों ने मंदिर में पुजा की और हनुमान चालीस का पाठ किया। इसके बाद कर्मचारियों ने बजरंग बली के नाम का ज्ञापन पुजारी को सौंपा। पुजारी ने भी इस ज्ञापन को स्वीकार करते हुए उसकी एक कॉपी इन आंदोलनकारियों को दी। जिसमें साइन की जगह भगवान की बिंदी लगाई गई।
ज्ञापन में बताया कि कंपनी ने 7 जुलाई को एक पत्र जारी कर इन्हें कहा कि कम्पनी के पास कोई वर्क ऑर्डर नहीं है इसलिए कम्पनी ने ले-ऑफ घोषित किया है। इस ले-आॅफ के चलते इन सभी कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाकर कम्पनी मे प्रवेश वर्जित कर दिया गया। साथ ही यह भी कहा कि रोज सुबह 9 से 10 बजे हाजरी में साइन करने आएं और दो हजार रुपया प्रतिमाह ले जाएं। कर्मचारियों ने कम्पनी के इस फरमान को तानाशाही बताते हुए कथित ले-आॅफ के दिन से ही यह सभी कर्मचारी यहां कम्पनी के बाहर ही धरना लगाए बैठे हैं।
कर्मचारी बारिश में भी यहां बैठे रहते है। उन्हें डर है कि वो यहां से चले गए तो कम्पनी कभी भी अपना सामान समेटकर चली जाएगी। सरकारी विभागों और जनप्रतिनिधियों के चक्कर लगाने के बाद अब इन कर्मचारियों को सिर्फ बजरंग बली से ही न्याय की उम्मीद है।
ज्ञापन में बताया कि कंपनी ने 7 जुलाई को एक पत्र जारी कर इन्हें कहा कि कम्पनी के पास कोई वर्क ऑर्डर नहीं है इसलिए कम्पनी ने ले-ऑफ घोषित किया है। इस ले-आॅफ के चलते इन सभी कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाकर कम्पनी मे प्रवेश वर्जित कर दिया गया। साथ ही यह भी कहा कि रोज सुबह 9 से 10 बजे हाजरी में साइन करने आएं और दो हजार रुपया प्रतिमाह ले जाएं। कर्मचारियों ने कम्पनी के इस फरमान को तानाशाही बताते हुए कथित ले-आॅफ के दिन से ही यह सभी कर्मचारी यहां कम्पनी के बाहर ही धरना लगाए बैठे हैं।
कर्मचारी बारिश में भी यहां बैठे रहते है। उन्हें डर है कि वो यहां से चले गए तो कम्पनी कभी भी अपना सामान समेटकर चली जाएगी। सरकारी विभागों और जनप्रतिनिधियों के चक्कर लगाने के बाद अब इन कर्मचारियों को सिर्फ बजरंग बली से ही न्याय की उम्मीद है।