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फलाहारी ही नहीं, देश में हर तीसरा साधु है भ्रष्ट- तरुण सागर

Sat, 23 Sep 2017 02:35 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Sat, 23 Sep 2017 02:35 PM IST
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every third monk in the country is corrupt - Tarun Sagar
तरुण सागर - फोटो : self
आसाराम, गुरमीत राम रहीम के बाद अब फलाहारी बाबा यौन शोषण के मामले में फंस गए है। फलाहारी बाबा की गिरफ्तारी के बाद जैन मुनि तरुण सागर महाराज ने बाबाओं पर तीखे बयान दिए हैं।
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 वे शनिवार को सीकर स्थित जैन भवन में पत्रकारों से बात कर रहे थे। तरुण सागर महाराज ने कहा है कि देश में बाबाओं की सम्पत्ति की जांच होनी चाहिए। तभी जाकर समाज में धर्म और बाबाओं के प्रति स्थिति साफ हो सकेगी। महाराज ने कहा कि देश में हर तीसरा  संत भ्रष्ट है। या यूं कहें तो देश में 14 नहीं 1400 साधु भ्रष्ट हैं। इनकी व्यापक स्तर पर पहचान होनी चाहिए। 
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उन्होंने कहा कि समाज में साधुओं के प्रति जागरूकता लाना जरुरी है। इससे धर्म की बदनामी हो रही है। नास्तिक नहीं तथाकथित आस्तिक भी धर्म को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
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होनी चाहिए बाबाओं की सम्पत्ति की जांच

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मुनि तरुणसागर महाराज - फोटो : amar ujala
तरुण सागर महाराज ने कहा कि देश में भ्रष्ट नेताओं और अफसरों की संपत्ति की जांच होती है, लेकिन अरबों की संपत्ति पर कुंडली मारे बैठे बाबाओं की संपत्ति की कोई जांच नहीं करता।

उन्होंने कहा कि अब तो शंकराचार्य भी फर्जी होने लगे है। ये लोगों के लिए भी खतरा है क्योंकि अक्सर लोग बिना सोचे-समझे बाबाओं के पीछे हो जाते हैं।

जैन मुनि तरुण सागर महाराज ने कहा  कि इन बाबाओं के गलत आचरण से समाज के युवाओं में धर्म के प्रति विमुखता आई है। इसके लिए समाज ही जिम्मेदार है जो उनकी पहचान किए बिना उन्हें गुरु मान लेता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के भ्रष्ट आचरण वाले बाबाओं को चिन्हित किया जाना चाहिए।


 

आतंकी हिंसा सबसे बुरी

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मुनि तरुण सागर - फोटो : फाइल फोटो
जैन मुनि ने धर्म के नाम पर हिंसा को सबसे खतरनाक बताते हुए कहा कि हर तरह की हिंसा बुरी होती है, लेकिन धर्म के नाम पर हिंसा सबसे खतरनाक है। इस विजयादशमी पर दुनिया से आतंकवाद को खत्म करना ही उनका संदेश है।

उन्होंने कहा कि 50 साल बाद भोजन बदल दो , 100 साल बाद मकान को बदल दो यानी गिरा दो और हजार साल बाद धर्म को जला दो। जैन मुनि ने कहा कि हजार साल में धर्म में समय के साथ आई बुराई औऱ गंदगी- कचरा शामिल हो जाता है। धर्म को जलाने से गंदगी कचरा तो जल जाएगा और धर्म तो सोना होता है जो जलने से कुंदन बन जाएगा।

 
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