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झूठ बोलकर फंसा इंजीनियर, सरकार भी दोषी करार
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 17 Mar 2017 08:41 AM IST
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) पर्यावरण से जुड़े नागरिक मामलों की तीव्र सुनवाई के लिए एक फास्ट ट्रैक अदालत है।
- फोटो : FILE PHOTO
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की सख्ती प्रदूषण फैलाने वाली कम्पनियों और जिम्मेदार सरकारी अधिकारियों के खिलाफ बढ़ती जा रही है। ताजा मामला अलवर के भिवाड़ी इण्डस्ट्रीयल क्षेत्र का है। जहां प्रदूषण फैलाने वाले कुछ कम्पनियों को ट्रिब्यूनल ने बंद करने के आदेश दिए है। वहीं राज्य सरकार पर पांच लाख का जुर्माना लगा दिया है। जुर्मान की यह राशि जिम्मेदारी अधिकारियों के वेतन से ली जाएगी। जानकारी के अनुसार भिवाड़ी में चल रही इलेक्ट्रोप्लेटिंग यूनिटस के खिलाफ शिकायतें है वे क्षेत्र के भूमिगत जल को प्रदूषित कर रहीं है।
तो इसलिए लगा सरकार पर जुर्माना
ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में कहा है कि उसने राज्य सरकार से एक साधारण प्रश्न किया था कि भिवाड़ी क्षेत्र का भू जल किसी भी प्रकार से प्रदूषित हो रहा है क्या। लेकिन सरकार के किसी भी विभाग की ओर से बात का जवाब नहीं दिया गया। इसलिए सरकार व उसके सबंधित विभागों पर पांच लाख का जुर्माना लगाया जाता है।
झूठ बोलकर फंसा इंंजीनियर
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने इसी केस में क्षेत्र मे कार्यरत जलदाय विभाग के एक इंजीनियर रामकिशन यादव को झूठ बोलने का दोषी पाया है। ट्रिब्यूनल ने उस पर 50 हजार का जुर्माना लगाया है। इसके अतिरिक्त यहा स्थित सीईटीपी सोसायटी को भी एक लाख रुपए पर्यावरण मुआवजे के तौर पर जमा कराने होंगे। हालांकि इस मामले में अगली सुनवाई शुक्रवार को होनी है इसके बाद ही यह आदेश लागू होंगे।
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तो इसलिए लगा सरकार पर जुर्माना
ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में कहा है कि उसने राज्य सरकार से एक साधारण प्रश्न किया था कि भिवाड़ी क्षेत्र का भू जल किसी भी प्रकार से प्रदूषित हो रहा है क्या। लेकिन सरकार के किसी भी विभाग की ओर से बात का जवाब नहीं दिया गया। इसलिए सरकार व उसके सबंधित विभागों पर पांच लाख का जुर्माना लगाया जाता है।
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झूठ बोलकर फंसा इंंजीनियर
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने इसी केस में क्षेत्र मे कार्यरत जलदाय विभाग के एक इंजीनियर रामकिशन यादव को झूठ बोलने का दोषी पाया है। ट्रिब्यूनल ने उस पर 50 हजार का जुर्माना लगाया है। इसके अतिरिक्त यहा स्थित सीईटीपी सोसायटी को भी एक लाख रुपए पर्यावरण मुआवजे के तौर पर जमा कराने होंगे। हालांकि इस मामले में अगली सुनवाई शुक्रवार को होनी है इसके बाद ही यह आदेश लागू होंगे।
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