{"_id":"58f2319e4f1c1bbd4ccf6193","slug":"digvijay-says-pm-is-preparing-for-war-from-pakistan","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"दिग्विजय बोले, PM मोदी कर रहे हैं पाकिस्तान से युद्ध की तैयारी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिग्विजय बोले, PM मोदी कर रहे हैं पाकिस्तान से युद्ध की तैयारी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 15 Apr 2017 08:52 PM IST
विज्ञापन
दिग्विजय सिंह
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा है कि भाजपा के पास आगामी चुनावों के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए पीएम नरेन्द्र मोदी पाकिस्तान के साथ युद्ध की तैयारी कर रहे हैं, ताकि इस मुद्दे को लेकर आगामी चुनाव लड़े जा सकें।
मीडिया से बातचीत में दिग्विजय सिंह ने कहा कि एक बार ईवीएम पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव आयोग को इस पर पुर्नविचार करने की जरूरत है। साथ ही जब इसकी विश्वनियता पर सवाल उठ रहे हैं तो अब चुनाव की निष्पक्षता को बरकरार रखते हुए बैलट पेपर से ही चुनाव होने चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग से ईवीएम की चिप, सॉफ्टवेयर और इसकी मेंटिनेंस करने वाली कंपनी के बारे में भी जानकारी देने की बात कही। साथ कहा कि जब भी इस संबंध में गलती होती है, तो वह भाजपा के पक्ष में ही क्यों, दूसरे पार्टियों के पक्ष में क्यों नहीं देखी जाती है।
उन्होंने कहा कि फाइनेंसियल बिल पारित कर आयकर विभाग के कमिश्नर स्तर के अधिकारियों को जो पावर दी गई है, कि वह बिना किसी उचित कारण और बिना सूचना के किसी के प्रतिष्ठान और घर पर कार्यवाही कर सकेंगे।
विज्ञापन
इससे देश में टैक्स टेरेरिजम की स्थिति बनेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा करदाताओं को आतंकित कर रही है, ताकि वह शासन के दबाव में बने रहे।
विज्ञापन
मीडिया से बातचीत में दिग्विजय सिंह ने कहा कि एक बार ईवीएम पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव आयोग को इस पर पुर्नविचार करने की जरूरत है। साथ ही जब इसकी विश्वनियता पर सवाल उठ रहे हैं तो अब चुनाव की निष्पक्षता को बरकरार रखते हुए बैलट पेपर से ही चुनाव होने चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग से ईवीएम की चिप, सॉफ्टवेयर और इसकी मेंटिनेंस करने वाली कंपनी के बारे में भी जानकारी देने की बात कही। साथ कहा कि जब भी इस संबंध में गलती होती है, तो वह भाजपा के पक्ष में ही क्यों, दूसरे पार्टियों के पक्ष में क्यों नहीं देखी जाती है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि फाइनेंसियल बिल पारित कर आयकर विभाग के कमिश्नर स्तर के अधिकारियों को जो पावर दी गई है, कि वह बिना किसी उचित कारण और बिना सूचना के किसी के प्रतिष्ठान और घर पर कार्यवाही कर सकेंगे।
विज्ञापन
इससे देश में टैक्स टेरेरिजम की स्थिति बनेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा करदाताओं को आतंकित कर रही है, ताकि वह शासन के दबाव में बने रहे।
भटकाया जा रहा है लोगों का ध्यान
दिग्विजय सिंह ने कहा कि नोटबंदी के बाद हुए हालात पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जिस उद्देश्य को लेकर नोटबंदी की बात कही गई है, इसमें सरकार पूरी तरह विफल हुई है। आज देश में ऐसे हालात बनाए जा रहे हैं कि लोग उनके हिसाब से खाए—पीएं—रहें और जीवन यापन करें।
हिंदु—मुस्लिम को लड़ाया जा रहा है। यह सब देश के लिए घातक है। बेरोजगारी बढ़ रही है, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जबकि लोगों का ध्यान भटकाने के लिए कभी गौवंश, ट्रिपल तलाक और लव जेहाद का मुद्दा जनता के सामने लाकर उन्हें भटकाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सीवीसी की रिपोर्ट में सामने आया है कि इस सरकार में 68 प्रतिशत भ्रष्टाचार अधिक हुआ है। उन्होंने डिजिटल ट्रांजेक्शन को भी लेकर कई सवाल खड़े किए। वे बोले कि पिछले कुछ समय से देश में एक अजीब स्थिति बन रही है।
भाजपा के कुछ लोग चाहते हैं कि लोग क्या करें, क्या खाएं, इन पर बंदिश लगाने के प्रयास कर रहे हैं। सभी व्यापारी परेशान हैं, केन्द्र सरकार ने चुनाव पूर्व किए वादे पूरे नहीं किए है।
हिंदु—मुस्लिम को लड़ाया जा रहा है। यह सब देश के लिए घातक है। बेरोजगारी बढ़ रही है, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जबकि लोगों का ध्यान भटकाने के लिए कभी गौवंश, ट्रिपल तलाक और लव जेहाद का मुद्दा जनता के सामने लाकर उन्हें भटकाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सीवीसी की रिपोर्ट में सामने आया है कि इस सरकार में 68 प्रतिशत भ्रष्टाचार अधिक हुआ है। उन्होंने डिजिटल ट्रांजेक्शन को भी लेकर कई सवाल खड़े किए। वे बोले कि पिछले कुछ समय से देश में एक अजीब स्थिति बन रही है।
भाजपा के कुछ लोग चाहते हैं कि लोग क्या करें, क्या खाएं, इन पर बंदिश लगाने के प्रयास कर रहे हैं। सभी व्यापारी परेशान हैं, केन्द्र सरकार ने चुनाव पूर्व किए वादे पूरे नहीं किए है।