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Rajasthan: सरकारी स्कूलों में दलित बच्चों को अलग बैठाकर मिड डे मील देने की शिकायत, आयोग ने मांगी रिपोर्ट

Tue, 23 Aug 2022 08:51 AM IST
रोमा रागिनी न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: रोमा रागिनी Updated Tue, 23 Aug 2022 08:51 AM IST
सार

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष ने उन सभी स्कूलों की रिपोर्ट मांगी है, जहां दलितों से भेदभाव किया जा रहा है। इसके साथ ही आयोग ने कहा कि सरकार और पुलिस इन मामलों में नोटिस का जवाब तक नहीं देती है। राज्य में दलित अत्याचार बढ़े हैं।

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Dalit sit separately for mid-day meal in Rajasthan schools
मीड डे। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

जालोर में दलित छात्र की पिटाई से मौत पर गहलोत सरकार घिरी हुई है। अब राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को राजस्थान के स्कूलों में मिड डे मील परोसने में कथित भेदभाव की शिकायत मिली है। यह भी आरोप लगाया कि मिड डे मील के लिए अनुसूचित जाति के लोगों से खाना बनवाने का काम नहीं लिया जाता है।

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मीडिया रिपोर्टस के अनुसार आयोग के अध्यक्ष विजय सांपला ने रविवार को ऑल इंडिया एससी-एसटी वेलफेयर एसोसिएशन फेडरेशन के एक कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने बताया कि हमें राजस्थान में स्कूलों में मध्यान्ह भोजन के दौरान अनुसूचित जाति के बच्चों को अलग बैठाए जाने की सूचनाएं मिली हैं। जिसके बाद उन्होंने उन स्कूलों की लिस्ट मांगी है, जहां भेदभाव किया जा रहा है। 

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शिकायत पर मांगी रिपोर्ट
सांपला ने ने दावा किया कि मिड डे मील के लिए अनुसूचित जाति के लोगों से खाना बनवाने का काम नहीं लिया जा रहा है। इसकी सच्चाई जानने और पुष्टि के लिए रिपोर्ट मांगी गई है। विजय सांपला ने कहा कि अगर ऐसा सरकारी स्कूलों में हो रहा है तो यह बहुत निंदनीय भी है। सांपला ने कहा कि आयोग देश के अन्य राज्यों को भी पत्र लिख रहा है कि जब स्कूलों को मान्यता दी जाती है तो उसमें उस स्कूल प्रबंधन से अनुसूचित जाति के प्रति जागरूकता का शपथ पत्र भी लेना चाहिए।

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राज्यों में दलितों पर अत्याचार बढ़ा
उन्होंने कहा कि स्कूलों में भेदभाव नहीं होना चाहिए और शिक्षकों को भी इस संबंध में प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में दलितों पर अत्याचार बढ़े हैं। आयोग जयपुर में 24- 25 अगस्त को सभी विभागों के साथ विभिन्न मुद्दों की समीक्षा बैठक करेगा।

 
नोटिस पर सरकार और पुलिस नहीं देती जवाब

अनुसूचित जनजाति के अध्यक्ष ने गहलोत सरकार पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राजस्थान में दलित अत्याचारों की कई घटनाएं आयोग के सामने आती रहती है। जिस पर राजस्थान सरकार और पुलिस महकमे को नोटिस भी जारी किए जाते हैं लेकिन इसका जवाब नहीं मिलता।

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