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पथराई मां की ममता, कोख में पल रहे भ्रूण को पत्थरों में फेंका
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 04 Jun 2017 05:34 PM IST
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भ्रूण को पत्थरों में फेंका
- फोटो : Demo pic
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रामसमंद जिले में फिर से मानवीयता को शर्मसार करने वाला वाकया सामने आया है। जहां मां की ममता निष्ठुर हो गई और नौ माह कोख में पालने की बजाए एक भ्रूण को अपने से जुदा कर एक कपड़े में लपेटकर पत्थर व कंटीली झाड़ियों के बीच फेंक दिया।
रामसमन्द के बाघाना में हाइवे किनारे नाले के एक पुलिया के नीचे रविवार को कपड़े में लिपटा हुआ भ्रूण मिला, जो कि पत्थर और कंटीली झाड़ियों के नीचे पड़ा था। किसी राहगीर ने भ्रूण देखकर आसपास के लोगों को बताया। तब वहां काफी तमाशबीन इकट्ठा हो गए। सूचना मिलने पर बाघाना सरपंच मेघाराम भील और देवगढ़ थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची।
इसके बाद भ्रूण को देवगढ़ अस्पताल की मोर्चरी में पहुंचाया। इसके बाद उसे दफना दिया गया। पुलिस ने सरपंच मेघाराम की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज कर पड़ताल शुरु कर दी है। पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों ने भ्रूण करीब आठ माह का होने की जानकारी दी है।
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रामसमन्द के बाघाना में हाइवे किनारे नाले के एक पुलिया के नीचे रविवार को कपड़े में लिपटा हुआ भ्रूण मिला, जो कि पत्थर और कंटीली झाड़ियों के नीचे पड़ा था। किसी राहगीर ने भ्रूण देखकर आसपास के लोगों को बताया। तब वहां काफी तमाशबीन इकट्ठा हो गए। सूचना मिलने पर बाघाना सरपंच मेघाराम भील और देवगढ़ थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची।
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इसके बाद भ्रूण को देवगढ़ अस्पताल की मोर्चरी में पहुंचाया। इसके बाद उसे दफना दिया गया। पुलिस ने सरपंच मेघाराम की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज कर पड़ताल शुरु कर दी है। पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों ने भ्रूण करीब आठ माह का होने की जानकारी दी है।
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