{"_id":"58e9ee1b4f1c1b41485b8a75","slug":"this-is-the-truth-of-most-wanted-gangster-anandpal-s-encounter-in-rajasthan","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"राजस्थान के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर आनंदपाल का एनकाउंटर! यह है सच","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
राजस्थान के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर आनंदपाल का एनकाउंटर! यह है सच
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 11 Apr 2017 12:53 PM IST
encounter in karnal
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोशल मीडिया पर शनिवार को तेजी से वायरल हुई कुछ फोटो व वीडियो ने राजस्थान के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर आनंदपाल सिंह के परबतसर, नागौर में एनकाउंटर होने की भ्रामक खबरें फैला दी।
दरअसल, गोलियों से छलनी और पिस्टल से लैस जिस युवक के शव की फोटो व वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। उसके चेहरे पर बढ़ी हुई काली ढ़ाढ़ी और हुलिया कुछ—कुछ कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल से मिल रहा है। इस वजह से सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे आनंदपाल समझ लिया।
अफवाह की चपेट में सिर्फ आमजन ही नहीं बल्कि पुलिस विभाग के कई अफसर व कर्मचारी भी भ्रम में पड़ गए और एक—दूसरे को व्हाट्सअप पर फोटो व वीडियो भेजकर एनकाउंटर की खबरों का सच जानने में लगे रहे। राजस्थान पुलिस के अधिकारियों ने आनंदपाल के नागौर में एनकाउंटर होने की खबरों को भ्रामक बताते हुए इसे महज अफवाह बताया है।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक आनंदपाल के एनकाउंटर के नाम से वायरल हुए यह फोटो व वीडियो 50 हजार रुपए के ईनामी मोस्टवांटेड सुरेंद्र ग्योंग के शव का होने का दावा किया जा रहा है। जिसका हरियाणा में करनाल—कैथल पुलिस ने शनिवार दोपहर को एनकाउंटर कर मार गिराया। पुलिस से बचने के लिए सुरेंद्र ने सरदार का वेश बना रखा था। सुरेंद्र के खिलाफ चार राज्यों में हत्या, लूट व अपहरण और फिरौती के कई मामले दर्ज है।
दरअसल, गोलियों से छलनी और पिस्टल से लैस जिस युवक के शव की फोटो व वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। उसके चेहरे पर बढ़ी हुई काली ढ़ाढ़ी और हुलिया कुछ—कुछ कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल से मिल रहा है। इस वजह से सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे आनंदपाल समझ लिया।
अफवाह की चपेट में सिर्फ आमजन ही नहीं बल्कि पुलिस विभाग के कई अफसर व कर्मचारी भी भ्रम में पड़ गए और एक—दूसरे को व्हाट्सअप पर फोटो व वीडियो भेजकर एनकाउंटर की खबरों का सच जानने में लगे रहे। राजस्थान पुलिस के अधिकारियों ने आनंदपाल के नागौर में एनकाउंटर होने की खबरों को भ्रामक बताते हुए इसे महज अफवाह बताया है।
सूत्रों के मुताबिक आनंदपाल के एनकाउंटर के नाम से वायरल हुए यह फोटो व वीडियो 50 हजार रुपए के ईनामी मोस्टवांटेड सुरेंद्र ग्योंग के शव का होने का दावा किया जा रहा है। जिसका हरियाणा में करनाल—कैथल पुलिस ने शनिवार दोपहर को एनकाउंटर कर मार गिराया। पुलिस से बचने के लिए सुरेंद्र ने सरदार का वेश बना रखा था। सुरेंद्र के खिलाफ चार राज्यों में हत्या, लूट व अपहरण और फिरौती के कई मामले दर्ज है।
पुलिस से बचने के लिए सुरेंद्र ने सरदार का वेश बना रखा था
encounter in karnal
- फोटो : Amar Ujala
एसपी करनाल जश्नदीप सिंह रंधावा ने बताया कि शनिवार को एक होंडासिटी कार में सुरेंद्र क्योंग के कैथल से करनाल में प्रवेश करने की सूचना मिली थी। जिस पर सीआईए की टीम ने असंध जिले से सटी सीमा पर नाकाबंदी करवाई। सीआईए की टीम को देखकर सुरेंद्र ने करनाल के राहड़ा गांव में घुसने की कोशिश की तो फायरिंग शुरु हो गई। जिसमें सुरेंद्र के गोलियां लगने से मौत हो गई।
सुरेंद्र के पास जो कार मिली। उस पर राजस्थान का नंबर है। यह कार तिजारा, अलवर से खरीदी गई थी। उसके कब्जे से दिल्ली व हरियाणा पुलिस की वर्दी तथा दो पिस्तौल बरामद हुई है। इनमें एक में 12 व दूसरी में 5 राउंड कारतूस भरे हुए मिले। इसके अलावा दो एसएलआर और अन्य कारतूस भी बरामद किए है। पुलिस का दावा है कि सुरेंद्र ने भी पुलिस पर फायरिंग की। जिसके खाली खोल मिले है।
मकान की मरम्मत करवाने के लिए सुरेंद्र 23 मई 2016 को झज्जर जेल से पैरोल पर आया था। उसे जून माह में सरेंडर करना था। लेकिन वह वापस जेल नहीं पहुंचा। इस पर कोर्ट ने उसे भगौड़ा घोषित कर दिया था। तब से पुलिस को उसकी तलाश थी।
सुरेंद्र के पास जो कार मिली। उस पर राजस्थान का नंबर है। यह कार तिजारा, अलवर से खरीदी गई थी। उसके कब्जे से दिल्ली व हरियाणा पुलिस की वर्दी तथा दो पिस्तौल बरामद हुई है। इनमें एक में 12 व दूसरी में 5 राउंड कारतूस भरे हुए मिले। इसके अलावा दो एसएलआर और अन्य कारतूस भी बरामद किए है। पुलिस का दावा है कि सुरेंद्र ने भी पुलिस पर फायरिंग की। जिसके खाली खोल मिले है।
मकान की मरम्मत करवाने के लिए सुरेंद्र 23 मई 2016 को झज्जर जेल से पैरोल पर आया था। उसे जून माह में सरेंडर करना था। लेकिन वह वापस जेल नहीं पहुंचा। इस पर कोर्ट ने उसे भगौड़ा घोषित कर दिया था। तब से पुलिस को उसकी तलाश थी।