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रामरहीम प्रकरण: पुलिस जांच से संतुष्ट नहीं हाईकोर्ट, 24 को फिर रिपोर्ट मांगी

Wed, 08 Nov 2017 07:49 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर 
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर  Updated Wed, 08 Nov 2017 07:49 PM IST
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 Ramrahim episode:  High Court not satisfied to Police inquiry
- फोटो : File photo
राजस्थान हाईकोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा से लापता हुई विवाहिता को लेकर गुरमत रामरहीम के खिलाफ दर्ज प्रकरण में पुलिस जांच से असंतुष्ट होकर जांच अधिकारी को 24 नवंबर को पुन: प्रगति रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने कहा कि जांच अधिकारी डेरे पर जाएं और रामरहीम से भी पूछताछ करें।
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न्यायाधीश महेन्द्र माहेश्वरी की एकलपीठ ने यह आदेश कमलेश कुमार की ओर से दायर आपराधिक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। सुनवाई के दौरान जवाहर सर्किल थाने के जांच अधिकारी अदालत में पेश हुए। उनकी ओर से पेश जांच रिपोर्ट देखकर अदालत ने कहा कि उन्होंने प्रभावी जांच ही नहीं की है।
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अदालत ने जांच अधिकारी से यह भी पूछा कि निचली अदालत के आदेश के बाद उन्होंने क्या जांच की। इस पर जांच अधिकारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। अदालत ने जांच अधिकारी से पूछा कि उन्होंने अब तक डेरे में जाकर जांच क्यों नहीं की और रामरहीम से पूछताछ क्यों नहीं हुई।
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एफआर नामंजूर कर एक माह में जांच पूरी करने के आदेश

 Ramrahim episode:  High Court not satisfied to Police inquiry
Ram Rahim - फोटो : Demo pic
इस पर जांच अधिकारी ने कहा कि उन्हें नहीं पता की रामरहीम कौनसी जेल में बंद हैं। अदालत के बताने पर उन्होंने आश्वासन दिया कि संबंधित अदालत में प्रार्थना पत्र पेश कर रामरहीम से पूछताछ की अनुमति ली जाएगी। इस पर अदालत ने 24 नवंबर को जांच रिपोर्ट अदालत में पेश करने को कहा है। 

याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता की पत्नी गुड्डी देवी 24 मार्च 2015 को रामरहीम के डेरे पर गई थी। वहां से वह 28 मार्च को लापता हो गई। प्रकरण को लेकर 8 मई 2015 को रामरहीम व डीपीएस दत्ता के खिलाफ जवाहर सर्किल थाने में मामला दर्ज कराया गया। जिस पर पुलिस ने मार्च 2016 में एफआर लगा दी।

वहीं याचिकाकर्ता की प्रोटेस्ट पिटिशन पर अदालत ने एफआर नामंजूर करते हुए एक माह में जांच पूरी करने के आदेश दिए। याचिका में कहा गया कि अदालती आदेश के बावजूद भी पुलिस ने अब तक कोई जांच नहीं की है। यहां तक की याचिकाकर्ता के बयान तक नहीं लिए गए। 
 
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