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आदेश की पालना करो, वरना हाजिर हो प्रमुख गृह सचिव सहित अन्य अधिकारी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 08 Dec 2017 08:22 PM IST
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अदालत।
- फोटो : amar ujala
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राजस्थान हाईकोर्ट ने हैडकांस्टेबल के लिए आयोजित पदोन्नति दौड़ में हार्ट अटैक से हुई कांस्टेबल की मौत के मामले में क्षतिपूर्ति को लेकर 11 दिसंबर तक अदालती आदेश की पालना के आदेश दिए हैं। ऐसा नहीं करने पर अदालत ने प्रमुख गृह सचिव, पेंशन निदेशक, आरपीए निदेशक और प्रमुख गृह सचिव को पेश होने के आदेश दिए हैं।
न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश रामेश्वरी देवी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। मामले के अनुसार याचिकाकर्ता का पति रामजीलाल कांस्टेबल के तौर पर कार्यरत था। वर्ष 2014 में हैडकांस्टेबल पद के लिए आयोजित पदोन्नति दौड़ के दौरान रामजीलाल की हार्ट अटैक से मौत हो गई।
इसके चलते विभाग ने सामान्य मौत मानते हुए अस्सी हजार रुपए और सामान्य पेंशन के आदेश दिए। इसके खिलाफ याचिका दायर करने पर एकलपीठ ने गत 31 मई को आदेश जारी कर बीस लाख रुपए क्षतिपूर्ति और विशेष पेंशन देने के आदेश दिए। इस आदेश के खिलाफ राज्य सरकार की ओर से खंडपीठ में अपील दायर की गई।
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जिसे खंडपीठ ने खारिज कर दिया। इस पर याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में अवमानना याचिका दायर की गई। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने 11 दिसंबर तक आदेश की पालना नहीं करने पर संबंधित अफसरों को हाजिर होने के आदेश दिए हैं।
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न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश रामेश्वरी देवी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। मामले के अनुसार याचिकाकर्ता का पति रामजीलाल कांस्टेबल के तौर पर कार्यरत था। वर्ष 2014 में हैडकांस्टेबल पद के लिए आयोजित पदोन्नति दौड़ के दौरान रामजीलाल की हार्ट अटैक से मौत हो गई।
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इसके चलते विभाग ने सामान्य मौत मानते हुए अस्सी हजार रुपए और सामान्य पेंशन के आदेश दिए। इसके खिलाफ याचिका दायर करने पर एकलपीठ ने गत 31 मई को आदेश जारी कर बीस लाख रुपए क्षतिपूर्ति और विशेष पेंशन देने के आदेश दिए। इस आदेश के खिलाफ राज्य सरकार की ओर से खंडपीठ में अपील दायर की गई।
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जिसे खंडपीठ ने खारिज कर दिया। इस पर याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में अवमानना याचिका दायर की गई। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने 11 दिसंबर तक आदेश की पालना नहीं करने पर संबंधित अफसरों को हाजिर होने के आदेश दिए हैं।