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ढाई हजार में दस हजार के नकली नोट देते थे, अब मिली ये सजा

Wed, 24 Jan 2018 09:27 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर 
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर  Updated Wed, 24 Jan 2018 09:27 PM IST
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Rajasthan court order Penalties for gang running fake notes
जाली नोट मामलों की जयपुर की विशेष अदालत ने जाली नोट छापकर बाजार में चलाने वाली गैंग के सदस्यों श्रवणराम नाई, मेघराज परिहार, अरुण जैन, दिनेश सेन, रामकिशन जाट, माणक जाट और कालू राम जाट को पांच साल की सजा सुनाई है। जबकि अभियुक्त अनिल दर्जी को दो साल की सजा मिली है। अदालत ने सभी अभियुक्तों पर कुल दो लाख पांच हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
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प्रकरण में अभियुक्त किशन गौड को जेल प्रशासन की ओर से पेश नहीं करने पर अदालत ने उसे दोषसिद्ध ठहरा दिया है। इस अभियुक्त को बृहस्पतिवार को सजा सुनाई जाएगी। वहीं एक अन्य विजयकुमार फरार चल रहा है। जबकि तोलाराम, सोमनाथ, बनवारी और शरद के खिलाफ पुलिस ने जांच लंबित रखी है।
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अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत को बताया गया कि नागौर थाना पुलिस को 19 जनवरी 2009 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि अभियुक्त ढाई हजार रुपए में दस हजार रुपए के नकली नोट देते हैं।
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दो लाख आठ हजार रुपए के नकली नोट भी बरामद

Rajasthan court order Penalties for gang running fake notes
इस पर पुलिस ने बोगस ग्राहक के जरिए अभियुक्तों से संपर्क किया। अभियुक्त श्रवण व मेघराज ने बोगस ग्राहक से ढाई हजार रुपए लेकर दस हजार रुपए के नकली नोट दिए। इस पर पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।

वहीं पुलिस को तलाशी में मेघराज के घर से नकली नोट बनाने के उपकरण मिले। दोनों अभियुक्तों से मिली जानकारी पर पुलिस ने जाली नोट चलाने वाले अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। इस दौरान पुलिस ने दो लाख आठ हजार रुपए के नकली नोट भी अभियुक्तों से बरामद किए।
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