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एक साल से मुन्नाभाई की तलाश में थी पुलिस, अब पकड़ा गया
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 18 Aug 2017 05:27 PM IST
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- फोटो : Demo pic
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मुन्नाभाई की तलाश में पुलिस ने एक साल में कई जगह खाक छान मारी। वहीं, मुन्नाभाई भी बचने को इधर उधर छिपता रहा। लेकिन कहते है ना कि कानून के हाथ लंबे होते है सो मुन्ना भाई पुलिस की गिरफ्त में आ ही गया। यह मामला है राजधानी जयपुर का। जहां पुलिस कमिश्नरेट के पश्चिम जिले में हरमाड़ा थाना पुलिस ने आरोपी दरब सिंह मीणा को गिरफ्तार कर लिया।
डीसीपी पश्चिम अशोक गुप्ता ने बताया कि वह सवाईमाधोपुर जिले के वजीरपुर तहसील में गांव बड़ोदा का रहने वाला है। पिछले साल 21 नवंबर को हरमाड़ा इलाके में बालाजी इंजीनियरिंग कॉलेज में बैंक पीओ की परीक्षा थी। जिसमें मुख्य परीक्षार्थी आरोपी दरब सिंह की जगह दौसा जिले में सिकंदरा स्थित गांव काला खोह का रहने वाला राजकुमार मीणा परीक्षा देने पहुंचा था।
लेकिन राजकुमार रंगे हाथों पकड़ा गया था। वहीं, इसकी भनक लगने पर परीक्षा केंद्र के बाहर मौजूद असली अभ्यर्थी दरब सिंह मौका पाकर भाग गया। तब से पुलिस को दरब सिंह की तलाश थी। उसे पकड़ने के लिए थानाप्रभारी लखनसिंह खटाणा के नेतृत्व में हैडकांस्टेबल मोहनलाल व कांस्टेबल अनिल कुमार ने पकड़ लिया।
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एडिशनल एसपी रतन सिंह ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षा के वक्त असली परीक्षार्थी दरब सिंह परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक हाजरी करवाकर किसी बहाने से परीक्षा कक्ष से बाहर चला गया। इसके बजाए फर्जी परीक्षार्थी राजकुमार सिंह उसकी जगह परीक्षा देने बैठ गया। लेकिन उसी दिन परीक्षा खत्म होने पर बायोमेट्रिक हाजरी होने के कारण फर्जी परीक्षार्थी राजकुमार मीणा घबरा गया और भागने लगा। तब संदेह होने पर उसे पीछा कर पकड़ लिया तो असलियत का खुलासा हुआ।
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डीसीपी पश्चिम अशोक गुप्ता ने बताया कि वह सवाईमाधोपुर जिले के वजीरपुर तहसील में गांव बड़ोदा का रहने वाला है। पिछले साल 21 नवंबर को हरमाड़ा इलाके में बालाजी इंजीनियरिंग कॉलेज में बैंक पीओ की परीक्षा थी। जिसमें मुख्य परीक्षार्थी आरोपी दरब सिंह की जगह दौसा जिले में सिकंदरा स्थित गांव काला खोह का रहने वाला राजकुमार मीणा परीक्षा देने पहुंचा था।
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लेकिन राजकुमार रंगे हाथों पकड़ा गया था। वहीं, इसकी भनक लगने पर परीक्षा केंद्र के बाहर मौजूद असली अभ्यर्थी दरब सिंह मौका पाकर भाग गया। तब से पुलिस को दरब सिंह की तलाश थी। उसे पकड़ने के लिए थानाप्रभारी लखनसिंह खटाणा के नेतृत्व में हैडकांस्टेबल मोहनलाल व कांस्टेबल अनिल कुमार ने पकड़ लिया।
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एडिशनल एसपी रतन सिंह ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षा के वक्त असली परीक्षार्थी दरब सिंह परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक हाजरी करवाकर किसी बहाने से परीक्षा कक्ष से बाहर चला गया। इसके बजाए फर्जी परीक्षार्थी राजकुमार सिंह उसकी जगह परीक्षा देने बैठ गया। लेकिन उसी दिन परीक्षा खत्म होने पर बायोमेट्रिक हाजरी होने के कारण फर्जी परीक्षार्थी राजकुमार मीणा घबरा गया और भागने लगा। तब संदेह होने पर उसे पीछा कर पकड़ लिया तो असलियत का खुलासा हुआ।