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पिनकॉन फ्रॉड: 76 लाख की धोखाधड़ी के मुकदमे से करोड़ों की ठगी का पर्दाफाश
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 03 Nov 2017 10:05 PM IST
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मनोरंजन रॉय
- फोटो : SOCIAL MEDIA
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एक मुकदमे में पिनकॉन कंपनी के चेयरमैन की गिरफ्तारी से करोड़ों रुपए की ठगी का पर्दाफाश हुआ है। इस कंपनी के खिलाफ 76 लाख की धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ जिसके बाद एसओजी राजस्थान की टीम करीब दो महीने से इस कंपनी पर अपनी नजर बनाए हुए थी।
करीब सात साल पहले पिनकॉन ने राजस्थान में अपनी ब्रांच खोली। इस दौरान लुभावनी स्कीम में बड़े मुनाफे के लालच में अजमेर निवासी संदीप घोष ने 76 लाख रुपए निवेश किए। इसके बाद इस कंपनी ने राजस्थान में अलग-अलग शहरों में 11 आॅफिस खोले।
जिनमें करीब 25 हजार लोगों को गुमराह कर करीब 56 करोड़ का निवेश करवाया और करीब 39 करोड़ रुपए हड़पकर कंपनी बंद कर दी गई। इस संबंध में संदीप घोष ने मुकदमा दर्ज कराया और अन्य की ओर से भी शिकायतें मिली। इसके चलते एसओजी राजस्थान ने दो महीने पहले निगरानी रखना शुरू कर दिया।
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इस केस की जब कड़ी पड़ताल की तो सामने आया कि पिनकॉन कंपनी डायरेक्टर्स ने देशभर में करीब तीन लाख लोगों से लगभग 1600 करोड़ रुपए का निवेश करवाकर धोखाधड़ी की। इसके बाद पिनकॉन कंपनी के कोलकाता, पश्चिम बंगाल निवासी चेयरमैन मनोरंजन रॉय और कंपनी के अन्य डायरेक्टर विनय सिंह को गिरफ्तार किया।
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करीब सात साल पहले पिनकॉन ने राजस्थान में अपनी ब्रांच खोली। इस दौरान लुभावनी स्कीम में बड़े मुनाफे के लालच में अजमेर निवासी संदीप घोष ने 76 लाख रुपए निवेश किए। इसके बाद इस कंपनी ने राजस्थान में अलग-अलग शहरों में 11 आॅफिस खोले।
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जिनमें करीब 25 हजार लोगों को गुमराह कर करीब 56 करोड़ का निवेश करवाया और करीब 39 करोड़ रुपए हड़पकर कंपनी बंद कर दी गई। इस संबंध में संदीप घोष ने मुकदमा दर्ज कराया और अन्य की ओर से भी शिकायतें मिली। इसके चलते एसओजी राजस्थान ने दो महीने पहले निगरानी रखना शुरू कर दिया।
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इस केस की जब कड़ी पड़ताल की तो सामने आया कि पिनकॉन कंपनी डायरेक्टर्स ने देशभर में करीब तीन लाख लोगों से लगभग 1600 करोड़ रुपए का निवेश करवाकर धोखाधड़ी की। इसके बाद पिनकॉन कंपनी के कोलकाता, पश्चिम बंगाल निवासी चेयरमैन मनोरंजन रॉय और कंपनी के अन्य डायरेक्टर विनय सिंह को गिरफ्तार किया।
राजस्थान, यूपी, पश्चिम बंगाल समेत कई अन्य राज्यों में छापेमारी
गोले में गिरफ्तार आरोपी मनोरंजन रॉय और विनय सिंह
- फोटो : Amar Ujala
एसओजी ने पिनकॉन कंपनी के कोलकाता, पश्चिम बंगाल निवासी चेयरमैन मनोरंजन रॉय और कंपनी के अन्य डायरेक्टर विनय सिंह को गिरफ्तार किया। एसओजी ने पिनकॉन के दो अन्य आरोपी डायरेक्टर हरीसिंह को लॉयर्स कॉलोनी, आगरा और रघु शेट्टी को वाराणसी से गिरफ्तार किया गया।
यह कार्रवाई एसओजी के एडीजी उमेश मिश्र व आईजी दिनेश एमएन के निर्देशन में एसपी संजय श्रोत्रिय, एएसपी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़, करन शर्मा, ललित शर्मा और महावीर राणावत के नेतृत्व में टीम गठित की गई। जिनके सुपरविजन में कई टीमों ने राजस्थान, यूपी, पश्चिम बंगाल समेत कई अन्य राज्यों में छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
आईजी दिनेश एमएन के मुताबिक पिनकॉन कंपनी के चेयरमैन मनोरंजन रॉय मुख्य रुप से देशी शराब बनाने का काम करते है, जो कि पश्चिम बंगाल में सप्लाई होती है। इसके अलावा रुपए निवेश के लिए इन्होंने चार-पांच और कंपनियां खोली। जानकारी में आया है कि निवेशकों को फंसाने के लिए इस कंपनी ने देशभर में 105 शाखाएं खोल रखी थीं।
यह कार्रवाई एसओजी के एडीजी उमेश मिश्र व आईजी दिनेश एमएन के निर्देशन में एसपी संजय श्रोत्रिय, एएसपी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़, करन शर्मा, ललित शर्मा और महावीर राणावत के नेतृत्व में टीम गठित की गई। जिनके सुपरविजन में कई टीमों ने राजस्थान, यूपी, पश्चिम बंगाल समेत कई अन्य राज्यों में छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
आईजी दिनेश एमएन के मुताबिक पिनकॉन कंपनी के चेयरमैन मनोरंजन रॉय मुख्य रुप से देशी शराब बनाने का काम करते है, जो कि पश्चिम बंगाल में सप्लाई होती है। इसके अलावा रुपए निवेश के लिए इन्होंने चार-पांच और कंपनियां खोली। जानकारी में आया है कि निवेशकों को फंसाने के लिए इस कंपनी ने देशभर में 105 शाखाएं खोल रखी थीं।
इन स्कीमों में 500 रुपए से लेकर 90 लाख रुपए तक जमा करवाए
जिनमें लुभावनी स्कीमों में रुपए निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए जमा कर लिया। इन स्कीमों में 500 रुपए से लेकर 90 लाख रुपए तक जमा करवाए गए। फिर उन रुपयों का कोई लेखाबुक तैयार नहीं की गई और नाहीं उन रुपयों को बैंक खातों में जमा करवाया गया।
बल्कि इन रुपयों को अपनी कंपनियों के शेयर और कर्मचारियों को सैलेरी देने व अन्य खर्चों में इस्तेमाल किया गया। इस तरह स्कीमों के तहत तयशुदा वक्त पर जमा निवेशित धन का मुनाफा नहीं लौटाया और रुपए हड़प गए। इस तरह राजस्थान के एक पीड़ित का मुकदमा दर्ज होने पर हुई पड़ताल में करोड़ों रुपए की इस ठगी का पर्दाफाश हुआ।
बल्कि इन रुपयों को अपनी कंपनियों के शेयर और कर्मचारियों को सैलेरी देने व अन्य खर्चों में इस्तेमाल किया गया। इस तरह स्कीमों के तहत तयशुदा वक्त पर जमा निवेशित धन का मुनाफा नहीं लौटाया और रुपए हड़प गए। इस तरह राजस्थान के एक पीड़ित का मुकदमा दर्ज होने पर हुई पड़ताल में करोड़ों रुपए की इस ठगी का पर्दाफाश हुआ।