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महिला की हत्या के बाद गुस्साए लोगों ने पुलिस को घेरा, नहीं उठाया शव
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 22 Dec 2017 04:41 PM IST
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लोगों से समझाईश करते पुलिस अधिकारी
- फोटो : amar ujala
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अजमेर के पालरा गांव में महिला की हत्या को लेकर आज लोगों ने जमकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। यहां रावत समाज ने जवाहर लाल नेहरू अस्पताल की मोर्चरी पर जमकर हंगामा किया। काफी समय तक शव भी नहीं उठाया। इसके बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने सहायता राशि सहित अन्य आश्वासन दिया तब जाकर लोग माने।
दरअसल, पालरा निवासी पांची देवी रावत की हत्या कर शव को कुएं में फेंक दिया गया था। इससे गुस्साए रावत समाज के सैकड़ों लोग आज सुबह जवाहर लाल नेहरू अस्पताल की मोर्चरी के बाहर जमा हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की ढिलाई के कारण समाज के चार लोगों की हत्या कर दी गई है और अब तक एक का भी खुलासा नहीं हुआ। पूर्व जिला परिषद सदस्य राजेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि रीको एरिया में रहने वाले श्रमिकों के वैरीफिकेशन के बाद ही उन्हें वहां फैक्ट्री में नौकरी दी जाए। उन्हें आशंका जताई है कि श्रमिकों ने ही लूट के लिए हत्या की वारदात अंजाम दी है।
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दरअसल, पालरा निवासी पांची देवी रावत की हत्या कर शव को कुएं में फेंक दिया गया था। इससे गुस्साए रावत समाज के सैकड़ों लोग आज सुबह जवाहर लाल नेहरू अस्पताल की मोर्चरी के बाहर जमा हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की ढिलाई के कारण समाज के चार लोगों की हत्या कर दी गई है और अब तक एक का भी खुलासा नहीं हुआ। पूर्व जिला परिषद सदस्य राजेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि रीको एरिया में रहने वाले श्रमिकों के वैरीफिकेशन के बाद ही उन्हें वहां फैक्ट्री में नौकरी दी जाए। उन्हें आशंका जताई है कि श्रमिकों ने ही लूट के लिए हत्या की वारदात अंजाम दी है।
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काफी देर समझाईश के बाद यूं बनी बात
हत्या की वारदात से गुस्साए लोग
- फोटो : amar ujala
रावत समाज के रोष को देखते हुए आईपीएस मोनिका सैन, एडीएम सिटी अरविंद सेंगवा सहित अन्य अधिकारी मोर्चरी पहुंचे। सभी ने रावत समाज के लोगों से समझाईश की। इस दौरान माहौल काफी गरमा गया।
बाद में एडीएम सिटी सेंगवा ने कृषि मण्डी की सहायता से दो लाख रुपए की सहायता राशि दिलवाने और पुलिस की ओर से अस्थाई चौकी गांव में खोलने, नियमित गश्त करने, श्रमिकों का वैरीफिकेशन करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने शव उठाया और अंतिम संस्कार किया।
रावत समाज ने चेतावनी भी दी कि यदि जल्द ही मर्डर का खुलासा नहीं हुआ तो पुलिस के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
बाद में एडीएम सिटी सेंगवा ने कृषि मण्डी की सहायता से दो लाख रुपए की सहायता राशि दिलवाने और पुलिस की ओर से अस्थाई चौकी गांव में खोलने, नियमित गश्त करने, श्रमिकों का वैरीफिकेशन करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने शव उठाया और अंतिम संस्कार किया।
रावत समाज ने चेतावनी भी दी कि यदि जल्द ही मर्डर का खुलासा नहीं हुआ तो पुलिस के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।