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उपद्रव में मारा गया आदिल पुलिस पर फेंक रहा था पत्थर, सीसीटीवी में कैद
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 18 Sep 2017 02:42 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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हाई रिजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से खुलासा हुआ है कि जयपुर उपद्रव में मारा गया आदिल पुलिस पर पत्थर फेंक रहा था।
जयपुर के रामगंज इलाके में हुए हिंसक उपद्रव मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। रामगंज चौपड़ पर लगे हाई रिजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से खुलासा हुआ है कि फायरिंग में मारा गया चार दरवाजा निवासी आदिल हिंसक भीड़ में शामिल था।
वह उपद्रवियों के साथ रामगंज थाने पर पथराव कर रहा था। इन सीसीटीवी कैमरों का सर्वर जयपुर कमिश्नरेट स्थित पुलिस कंट्रोल रुम के अभय कमांड सेंटर में लगा है। उपद्रव के बाद पुलिस ने उपद्रवियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगालनी शुरू की। तब इसी हिंसक भीड़ के बीच आदिल भी पत्थरबाजी करते हुए नजर आया। जिसे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई।
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जयपुर के रामगंज इलाके में हुए हिंसक उपद्रव मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। रामगंज चौपड़ पर लगे हाई रिजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से खुलासा हुआ है कि फायरिंग में मारा गया चार दरवाजा निवासी आदिल हिंसक भीड़ में शामिल था।
वह उपद्रवियों के साथ रामगंज थाने पर पथराव कर रहा था। इन सीसीटीवी कैमरों का सर्वर जयपुर कमिश्नरेट स्थित पुलिस कंट्रोल रुम के अभय कमांड सेंटर में लगा है। उपद्रव के बाद पुलिस ने उपद्रवियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगालनी शुरू की। तब इसी हिंसक भीड़ के बीच आदिल भी पत्थरबाजी करते हुए नजर आया। जिसे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई।
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आखिर क्यों घबरा रही है कठघरे में खड़ी पुलिस
रामगंज
- फोटो : Vishnu Sharma
आदिल के सीसीटीवी में कैद होने वाली बात को पुलिस दबी जुबान से स्वीकार कर रही है, लेकिन कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं है और न ही फुटेज दिखाने को राजी है।
सभी के मन में सवाल उठ रहे हैं कि जब एक युवक की मौत पर पुलिस ही कटघरे में खड़ी कर दी गई थी, तो सीसीटीवी फुटेज क्यों छिपाया जा रहा है। कुछ लोगों का ये भी कहना है कि सीसीटीवी में यदि सच्चाई है, तो फिर इन फुटेज का क्यों खुलासा नहीं हो रहा है।
सूत्रों के मुताबिक आदिल की पहचान उसके कपड़ों व हुलिए के आधार पर पुलिस ने की है। इसके बाद यह जानकारी पुलिस उच्चाधिकारियों को दी गई। पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज में आदिल रामगंज थाने के सामने, चौपड़ के आसपास और घोड़ा निकास रोड के आसपास पत्थर फेंकते हुए कूदते व भागते नजर आ रहा है।
सभी के मन में सवाल उठ रहे हैं कि जब एक युवक की मौत पर पुलिस ही कटघरे में खड़ी कर दी गई थी, तो सीसीटीवी फुटेज क्यों छिपाया जा रहा है। कुछ लोगों का ये भी कहना है कि सीसीटीवी में यदि सच्चाई है, तो फिर इन फुटेज का क्यों खुलासा नहीं हो रहा है।
सूत्रों के मुताबिक आदिल की पहचान उसके कपड़ों व हुलिए के आधार पर पुलिस ने की है। इसके बाद यह जानकारी पुलिस उच्चाधिकारियों को दी गई। पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज में आदिल रामगंज थाने के सामने, चौपड़ के आसपास और घोड़ा निकास रोड के आसपास पत्थर फेंकते हुए कूदते व भागते नजर आ रहा है।
उसे लगी थीं दो गोलियां, परिजनों ने कहा - पान लेने गया था
सूने पड़े बाजार
- फोटो : Amar Ujala
उपद्रव के दौरान दो गोलियां आदिल के कंधे और गले में लगकर निकल गई और उसकी मौत हो गई। आदिल की मौत के बाद राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई थी। एक दल के राजनेताओं और कुछ सामाजिक संगठनों ने पुलिस पर आदिल को निर्दोष बताते हुए गोली मारकर हत्या करने के आरोप लगाए थे।
आदिल के भाई और अन्य परिजनों ने बताया था कि वह अपने घर से पान लेने बाजार गया था। इस बीच उसे गोली मार दी। आदिल के परिजनों को आर्थिक मुआवजा, सरकारी नौकरी और पुलिस के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांगों को लेकर दो दिन तक आदिल के शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका था। यह मांगे मानने पर ही तीसरे दिन उसके शव का पोस्टमार्टम कर दफनाने पर परिजन राजी हुए थे।
आदिल के भाई और अन्य परिजनों ने बताया था कि वह अपने घर से पान लेने बाजार गया था। इस बीच उसे गोली मार दी। आदिल के परिजनों को आर्थिक मुआवजा, सरकारी नौकरी और पुलिस के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांगों को लेकर दो दिन तक आदिल के शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका था। यह मांगे मानने पर ही तीसरे दिन उसके शव का पोस्टमार्टम कर दफनाने पर परिजन राजी हुए थे।