{"_id":"59f0a0b74f1c1bd0538b9597","slug":"in-this-state-the-first-10-years-of-fake-currency-cheating","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"इस राज्य में जाली करेंसी की तस्करी पर पहली बार मिली 10 साल की सजा ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
इस राज्य में जाली करेंसी की तस्करी पर पहली बार मिली 10 साल की सजा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 25 Oct 2017 08:29 PM IST
विज्ञापन
डेमो इमेज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश में करीब पौने दो साल पहले जाली भारतीय करेंसी की तस्करी करने के आरोप में पकड़े गए आरोपी को दस साल की सजा सुनाई है। पुलिस का दावा है कि यह प्रदेश का ऐसा पहला मामला है, जिसमें कोर्ट ने जाली करेंसी की तस्करी पर 10 साल की सजा सुनाई है।
राजस्थान एसओजी के एसपी संजय श्रोत्रिय ने बताया कि पिछले साल फरवरी माह में एसओजी में तैनात एएसपी पुष्पेंद्र सिंह व पुलिस इंस्पेक्टर विजय राय के नेतृत्व में गठित टीम ने उच्च क्वालिटी की जाली भारतीय करेंसी के अंतराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया था।
जिसमें नई दिल्ली में मंटोला मोहल्ला, पहाड़गंज के रहने वाले आरोपी राजू उर्फ राजेंद्र बलाई को गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से एसओजी ने 2 लाख 97 हजार रुपए की जाली भारतीय मुद्रा बरामद की थी। एसपी श्रोत्रिय के मुताबिक ये नकली नोट पश्चिम बंगाल के मालदा से लाए गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
राजस्थान एसओजी के एसपी संजय श्रोत्रिय ने बताया कि पिछले साल फरवरी माह में एसओजी में तैनात एएसपी पुष्पेंद्र सिंह व पुलिस इंस्पेक्टर विजय राय के नेतृत्व में गठित टीम ने उच्च क्वालिटी की जाली भारतीय करेंसी के अंतराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया था।
विज्ञापन
जिसमें नई दिल्ली में मंटोला मोहल्ला, पहाड़गंज के रहने वाले आरोपी राजू उर्फ राजेंद्र बलाई को गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से एसओजी ने 2 लाख 97 हजार रुपए की जाली भारतीय मुद्रा बरामद की थी। एसपी श्रोत्रिय के मुताबिक ये नकली नोट पश्चिम बंगाल के मालदा से लाए गए थे।
विज्ञापन
पहली बार यूएपी एक्ट के तहत जाली मुद्रा तस्कर को सजा
demo pic
- फोटो : Demo pic
इन जाली नोटों की सप्लाई राजस्थान के भरतपुर जिले में करनी थी। इससे पहले भी आरोपी राजेंद्र के खिलाफ चंदवाजी थाना, जयपुर में जाली मुद्रा तस्करी केस और नई दिल्ली के पहाड़गंज थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके खिलाफ एसओजी ने कोर्ट में चालान पेश किया।
श्रोत्रिय के मुताबिक कोर्ट में पुरजोर पैरवी और अच्छे अनुसंधान की वजह से विशिष्ट न्यायालय जाली नोट प्रकरण, महानगर जयपुर की ओर से विभिन्न धाराओं में दर्ज मुकदमे में दस साल का कारावास और 50 हजार रुपए का आर्थिक जुर्माने की सजा सुनाई गई है। राजस्थान में पहली बार यूएपी एक्ट के तहत जाली मुद्रा तस्कर को सजा सुनाई गई है। अब जाली नोट तस्करी के केसों में अंकुश लगने की उम्मीद एसओजी जता रही है।
श्रोत्रिय के मुताबिक कोर्ट में पुरजोर पैरवी और अच्छे अनुसंधान की वजह से विशिष्ट न्यायालय जाली नोट प्रकरण, महानगर जयपुर की ओर से विभिन्न धाराओं में दर्ज मुकदमे में दस साल का कारावास और 50 हजार रुपए का आर्थिक जुर्माने की सजा सुनाई गई है। राजस्थान में पहली बार यूएपी एक्ट के तहत जाली मुद्रा तस्कर को सजा सुनाई गई है। अब जाली नोट तस्करी के केसों में अंकुश लगने की उम्मीद एसओजी जता रही है।