{"_id":"593fee798664196f5d8b4732","slug":"high-court-asks-why-not-parateachers-and-educationist-pay-equal-to-third-grade-teacher","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेराटीचर्स व शिक्षाकर्मी को तृतीय श्रेणी अध्यापक के बराबर वेतन क्यों नहीं - हाईकोर्ट","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पेराटीचर्स व शिक्षाकर्मी को तृतीय श्रेणी अध्यापक के बराबर वेतन क्यों नहीं - हाईकोर्ट
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 13 Jun 2017 07:37 PM IST
विज्ञापन
कोर्ट
- फोटो : Demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्थान हाईकोर्ट ने शिक्षा सचिव, पंचायती राज सचिव और शिक्षा निदेशक सहित अन्य को नोटिस जारी कर पूछा है कि पेराटीचर्स, शिक्षाकर्मी और मदरसा टीचर्स को तृतीय श्रेणी अध्यापक के समान वेतन क्यों नहीं दिया जा रहा है।
न्यायाधीश वीएस सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश कौशल्या नागदा की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने अदालत को बताया कि याचिककर्ता दस सालों की अवधि से अधिक समय से पेराटीचर, शिक्षाकर्मी व मदरसा टीचर पद पर काम कर रहे हैं। इसके बावजूद न तो उन्हें नियमित किया जा रहा है और न ही तृतीय श्रेणी अध्यापक के समान वेतन दिया जा रहा है। याचिका में कहा गया कि समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाना चाहिए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
विज्ञापन
न्यायाधीश वीएस सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश कौशल्या नागदा की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने अदालत को बताया कि याचिककर्ता दस सालों की अवधि से अधिक समय से पेराटीचर, शिक्षाकर्मी व मदरसा टीचर पद पर काम कर रहे हैं। इसके बावजूद न तो उन्हें नियमित किया जा रहा है और न ही तृतीय श्रेणी अध्यापक के समान वेतन दिया जा रहा है। याचिका में कहा गया कि समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाना चाहिए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
विज्ञापन