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स्कूल टैक्सी पर गिरे बिजली के तार, संचालक ने यूं बचाई जिंदगियां
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 05 Sep 2017 06:41 PM IST
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स्कूल टैक्सी पर गिरे बिजली के तार
- फोटो : Vishnu Sharma
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एक निजी स्कूल संचालक की मुस्तैदी ने कई मासूमों की जिंदगी को बचा लिया। यह मामला है जयपुर के परकोटा क्षेत्र में ब्रहृपुरी रोड का।
आज दोपहर को हवा में झूल रहे बिजली के तार गैस कंपनी की एक पिकअप के उपरी हिस्से से टकराकर उलझ गए, लेकिन चालक को इसका पता नहीं चला। वह कुछ समझ पाता इससे पहले ही तार खींचे और बिजली पोल टूट गया। जिससे बिजली के तार टूटकर नजदीक ही मिलेनियम पब्लिक स्कूल के बाहर खड़े आॅटोरिक्शा पर जा गिरा।
स्कूल संचालक मनमोहन जायसवाल के मुताबिक दोपहर को घटना के वक्त स्कूल की छुट्टी हो चुकी थी। जिससे वह बच्चों को आॅटोरिक्शा में बैठा रहे थे। तभी बिजली के पोल और तार गिरते देखकर वह सन्न रह गए और करंट लगने के डर से चिल्लाते हुए दौड़े। आॅटो के ड्राइवर भी हरकत में आ गए। वहां अफरा-तफरी का माहोल हो गया
उन्होंने पिकअप को रुकवाया। इसके बाद स्कूल संचालक मनमोहन ने मुस्तैदी दिखाते हुए आॅटो ड्राइवरों और स्कूल स्टॉफ के साथ मिलकर डंडे से तारों को हटवाया। बिजली विभाग को सूचना देकर बिजली की सप्लाई रुकवाई। इससे पहले तत्काल आॅटोरिक्शा में बैठे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालकर वापस स्कूल में भेजा। इस दौरान आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए। बताया जा रहा है कि कुछ तारों में रबर कोटिंग थी तो कुछ खुले तार थे। जिनमें करंट था, लेकिन फिर भी बड़ा हादसा टल गया।
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आज दोपहर को हवा में झूल रहे बिजली के तार गैस कंपनी की एक पिकअप के उपरी हिस्से से टकराकर उलझ गए, लेकिन चालक को इसका पता नहीं चला। वह कुछ समझ पाता इससे पहले ही तार खींचे और बिजली पोल टूट गया। जिससे बिजली के तार टूटकर नजदीक ही मिलेनियम पब्लिक स्कूल के बाहर खड़े आॅटोरिक्शा पर जा गिरा।
स्कूल संचालक मनमोहन जायसवाल के मुताबिक दोपहर को घटना के वक्त स्कूल की छुट्टी हो चुकी थी। जिससे वह बच्चों को आॅटोरिक्शा में बैठा रहे थे। तभी बिजली के पोल और तार गिरते देखकर वह सन्न रह गए और करंट लगने के डर से चिल्लाते हुए दौड़े। आॅटो के ड्राइवर भी हरकत में आ गए। वहां अफरा-तफरी का माहोल हो गया
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उन्होंने पिकअप को रुकवाया। इसके बाद स्कूल संचालक मनमोहन ने मुस्तैदी दिखाते हुए आॅटो ड्राइवरों और स्कूल स्टॉफ के साथ मिलकर डंडे से तारों को हटवाया। बिजली विभाग को सूचना देकर बिजली की सप्लाई रुकवाई। इससे पहले तत्काल आॅटोरिक्शा में बैठे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालकर वापस स्कूल में भेजा। इस दौरान आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए। बताया जा रहा है कि कुछ तारों में रबर कोटिंग थी तो कुछ खुले तार थे। जिनमें करंट था, लेकिन फिर भी बड़ा हादसा टल गया।
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