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ट्रांसफार्मर ब्लास्ट: शवों के साथ ग्रामीणों का प्रदर्शन, उच्च स्तरीय जांच की घोषणा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 31 Oct 2017 08:07 PM IST
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घटनास्थल पर पड़ी लाशें और स्थानीय लोग
- फोटो : Vishnu Sharma
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ट्रांसफार्मर ब्लास्ट हादसे से आक्रोशित ग्रामीण मुआवजे और मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने की मांग को लेकर शवों के साथ धरना दिया। उधर, सरकार ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की घोषणा की है।
जयपुर-दिल्ली हाइवे पर शाहपुरा के खातोलाई गांव में गुर्जरों की ढाणी में आज दोपहर में यह दर्दनाक ट्रांसफार्मर ब्लास्ट हादसा हुआ। इस हादसे में दो बच्चियों और छह महिलाओं की मौत हो गई।
हादसे के बाद शाम को गुर्जरों की ढाणी में तनाव व्याप्त हो गया। मृतकों के परिजन व स्थानीय ग्रामीण मृतकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपए का आर्थिक मुआवजा तथा आश्रितों को सरकारी नौकरी देने और इस हादसे के लिए दोषी अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।
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इन मांगों के पूरी नहीं होने तक ग्रामीणों ने शवों का पोस्टमार्टम नहीं होने की चेतावनी दी। जिला कलेक्टर सिद्धार्थ महाजन और स्थानीय अफसर-नेता मौके पर पहुंचे और समझाइश की। देर शाम तक ग्रामीण मृतकों का पोस्टमार्टम बुधवार को करवाने के लिए राजी हुए। बुधवार सुबह सभी मृतकों का पोस्टमार्टम होगा। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच मृतकों के परिजनों को 10—10 लाख रुपए का मुआवजा देने पर सहमति बनी है।
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जयपुर-दिल्ली हाइवे पर शाहपुरा के खातोलाई गांव में गुर्जरों की ढाणी में आज दोपहर में यह दर्दनाक ट्रांसफार्मर ब्लास्ट हादसा हुआ। इस हादसे में दो बच्चियों और छह महिलाओं की मौत हो गई।
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हादसे के बाद शाम को गुर्जरों की ढाणी में तनाव व्याप्त हो गया। मृतकों के परिजन व स्थानीय ग्रामीण मृतकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपए का आर्थिक मुआवजा तथा आश्रितों को सरकारी नौकरी देने और इस हादसे के लिए दोषी अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।
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इन मांगों के पूरी नहीं होने तक ग्रामीणों ने शवों का पोस्टमार्टम नहीं होने की चेतावनी दी। जिला कलेक्टर सिद्धार्थ महाजन और स्थानीय अफसर-नेता मौके पर पहुंचे और समझाइश की। देर शाम तक ग्रामीण मृतकों का पोस्टमार्टम बुधवार को करवाने के लिए राजी हुए। बुधवार सुबह सभी मृतकों का पोस्टमार्टम होगा। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच मृतकों के परिजनों को 10—10 लाख रुपए का मुआवजा देने पर सहमति बनी है।
सीएम पहुंची अस्पताल, उच्च स्तरीय जांच की घोषणा
लाशों के चारों तरफ खड़े स्थानीय लोग
- फोटो : Vishnu Sharma
हादसे की गंभीरता को देखते हुए सीएम वसुंधरा राजे शाम को एसएमएस अस्पताल पहुंची और झुलसे लोगों से मिली। उन्होंने अधिकारियों, डॉक्टरों और जनप्रतिनिधियों से घटना की जानकारी ली। राजे ने कहा कि इस घटना की कमिश्नर से जांच कराई जाएगी। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को पीड़ितों का इलाज राउंड द क्लॉक करने के निर्देश दिए।
इससे पहले इस हादसे का शिकार बने लोगों की जानकारी लेने सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंचे उर्जा राज्य मंत्री पुष्पेंद्र सिंह ने इस हादसे की उच्चस्तरीय जांच की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इसके लिए उर्जा विभाग के डायरेक्टर टैक्नीकल नवीन अरोड़ा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है। इसमें एक अतिरिक्त जिला कलेक्टर को शामिल किया गया है।
यह कमेटी पड़ताल करेगी कि ट्रांसफार्मर में विस्फोट की वजह क्या रही। इसमें कौन से अफसरों की लापरवाही रही। उर्जा राज्यमंत्री पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि जिस ट्रांसफार्मर में आग लगी वह 25 केवी क्षमता का था। जिस पर 15 एचपी बिजली का भार था। इससे ट्रांसफार्मर पर बिजली सप्लाई का ज्यादा भार नहीं था।
इससे पहले इस हादसे का शिकार बने लोगों की जानकारी लेने सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंचे उर्जा राज्य मंत्री पुष्पेंद्र सिंह ने इस हादसे की उच्चस्तरीय जांच की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इसके लिए उर्जा विभाग के डायरेक्टर टैक्नीकल नवीन अरोड़ा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है। इसमें एक अतिरिक्त जिला कलेक्टर को शामिल किया गया है।
यह कमेटी पड़ताल करेगी कि ट्रांसफार्मर में विस्फोट की वजह क्या रही। इसमें कौन से अफसरों की लापरवाही रही। उर्जा राज्यमंत्री पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि जिस ट्रांसफार्मर में आग लगी वह 25 केवी क्षमता का था। जिस पर 15 एचपी बिजली का भार था। इससे ट्रांसफार्मर पर बिजली सप्लाई का ज्यादा भार नहीं था।