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बीमा पॉलिसी की किश्तों में छूट के बहाने ठगने वाला गिरोह दिल्ली से पकड़ा

Wed, 10 May 2017 08:20 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर 
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर  Updated Wed, 10 May 2017 08:20 PM IST
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 A gang caught on the pretext of giving exemption to insurance policy installment installments
अंतराज्जीय गिरोह - फोटो : Vishnu Sharma
बीमा पॉलिसी की बकाया किश्तों में छूट दिलवाने के बहाने आॅनलाईन ठगी करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह को जयपुर की प्रताप नगर थाना पुलिस ने नई दिल्ली से पकड़ा लिया। आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें आठ दिन के रिमांड पर लिया है। 
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यह गिरोह  इंश्योरेंस पाॅलिसी की बकाया किश्तों के लिये ग्राहकों को फर्जी काॅल्स करता है। फिर उन्हें बीमा पॉलिसी की किश्तों पर छूट का लालच देकर बचत खातों में आॅनलाईन रकम ट्रांसफर करवा लेते है। 
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डीसीपी पूर्व कुंवर राष्ट्रदीप ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अमन निवासी मंगोलपुरी, नई दिल्ली है। दूसरा आरोपी जीत सिंह संधू निवासी मोहाली, पंजाब हाल सेक्टर 26 नई दिल्ली है। तीसरा आरोपी संदीप कुमार छीपी निवासी पंचशील नगर, उत्तर प्रदेश का है। वह बादली मेट्रो स्टेशन के पास, नई दिल्ली में रहता है। वहीं, चौथा आरोपी राहुल खटीक निवासी मंगोलपुरी नई दिल्ली का रहने वाला है। 
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गिरोह के सरगना जीतसिंह से खुलासा हुआ कि उसने आरोपी संदीप के मार्फत अमन का खाता किराए पर लिया था। जीत सिंह ठगी की रकम का 10 प्रतिशत खाताधारक को देता था। इस गिरोह ने करीब 24 बैंक खातों में 50 लाख रुपए की रकम आॅनलाइन ठगी के जरिए जमा करवाई है। आरोपी राहुल खटीक द्वारा गिरोह को पांच खाते आॅनर्लाइन ठगी के लिए उपलब्ध करवाए थे तथा फोन कॉल्स करने के लिए करीब 15 फर्जी सिम ग्राहकों को काॅल करने के लिए उपलब्ध करवाई थी। वहीं आरोपी संदीप सिंह ने अपने रिश्तेदार अमन का खाता आॅन र्लाइन ठगी की रकम ट्रांसफर के लिए उपलब्ध करवाया था। आरोपी अमन के खाते में तीन लाख की रकम मिली है। जिसे सीज करवा दिया है।

 

ठगी से पीड़ित हरेंद्र ने 6 मई को प्रताप नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी जिसमें बताया कि उनकी मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कम्पनी की वार्षिक 49,500 रुपये की पाॅलिसी प्रीमियम चल रही है। अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें कॉल कर कहा कि आपकी पाॅलिसी का प्रीमियम ड्यू चल रहा है। यदि आप आॅन लाईन पेमेन्ट जमा करवाओगे तो आपको डिस्काउंट मिलेगा और सिर्फ 45,500 रुपये ही जमा करवाने होंगे।

ठग के विश्वास में आकर अकाउण्ट डिटेल मेरे मोबाइल नम्बर पर जरिये मैसेज कर दिए। उसमें कोई मोबाईल नम्बर नहीं आया तथा नाहीं कंपनी का नाम आया। ठग ने जो खाता नंबर दिया वह नई दिल्ली में एसबीआई बैंक का था। अकाउण्ट होल्डर की जगह मैक्सर्लाइफ कम्पनी का नाम भेजा तो मुझे भरोसा हो गया। तब पीड़ित हरेंद्र सिंह ने 4 मई को आॅनलाइन बैंकिंग के माध्यम से दोपहर करीब दो बजे अपने एक्सिस बैंक के खाते से 45,500 रुपये ट्रांसफर कर दिये। इसके बाद हरेंद्र सिंह ने मैक्सलाईफ इंश्योरेंस कंपनी में बात की तो पता चला कि कम्पनी का कोई अकाउंट नहीं है।

केस का अनुसंधान प्रताप नगर थानाप्रभारी इस्लाम खान को सौंपा गया। उन्होंन​ सबइंस्पेक्टर मनोहर लाल व कांस्टेबल महावीर, सतीश की टीम गठित कर आरोपियों के खाते की तलाश में दिल्ली भेजा गया। तब वह खाता मंगोलपुरी, नई दिल्ली निवासी अमन का होने का पता चला। जिसके खाते में ठगी की रकम जमा हुई थी। यह खाता एसबीआई बैंक शाखा, सावनपार्क नई दिल्ली में था।

 
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