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बेटी की शादी से चार दिन पहले पिता को देनी पड़ी जान, अधूरी रह गई हसरतें
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 18 Apr 2017 04:34 PM IST
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रेवंत सिंह
- फोटो : Vishnu Sharma
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बेटी के हाथ पीले कर उसे डोली में बैठाकर विदा करने की तमन्ना किस पिता की नहीं होती। चाकसू तहसील के वार्ड नंबर 19, गोविंद नगर में रहने वाले रेवंत सिंह ने भी ऐसा ही सपना संजोया था।
कुछ माह पहले ही बेटी आरजू का रिश्ता तय होने के बाद से ही रेवंत सिंह ने शहनाईयों की स्वर लहरियों के बीच हंसी खुशी के साथ बेटी को विदा करने की तैयारियां भी शुरु कर दी थी। लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था।
रेवंत सिंह ने जिस एआरएस सिक्यूरिटी कंपनी में बतौर एरिया मैनेजर के पद पर नौकरी की। वहां पिछले करीब 17 महिनों से उन्हें 20 हजार रुपए मासिक का वेतन ही नहीं मिला। उसने मालिक देवेंद्र सिंह को बार—बार कहा तो सिर्फ आश्वासन मिला। आखिरकार बेटी की शादी से कुछ दिनों पहले कंपनी से 7 अप्रैल को बकाया वेतन राशि का एक चैक भी मिला। लेकिन वह भी बाउंस हो गया।
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इससे पिता रेवंत की हसरतें टूटने लगी और रेवंत ने 14 अप्रैल को चाकसू में मोक्षधाम के पास जहर खाकर जिंदगी ही समाप्त कर ली। आज, 18 अप्रैल को बेटी आरजू की डोली सजने से पहले ही पिता रेवंत की अर्थी सजकर घर से विदा हुई।
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कुछ माह पहले ही बेटी आरजू का रिश्ता तय होने के बाद से ही रेवंत सिंह ने शहनाईयों की स्वर लहरियों के बीच हंसी खुशी के साथ बेटी को विदा करने की तैयारियां भी शुरु कर दी थी। लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था।
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रेवंत सिंह ने जिस एआरएस सिक्यूरिटी कंपनी में बतौर एरिया मैनेजर के पद पर नौकरी की। वहां पिछले करीब 17 महिनों से उन्हें 20 हजार रुपए मासिक का वेतन ही नहीं मिला। उसने मालिक देवेंद्र सिंह को बार—बार कहा तो सिर्फ आश्वासन मिला। आखिरकार बेटी की शादी से कुछ दिनों पहले कंपनी से 7 अप्रैल को बकाया वेतन राशि का एक चैक भी मिला। लेकिन वह भी बाउंस हो गया।
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इससे पिता रेवंत की हसरतें टूटने लगी और रेवंत ने 14 अप्रैल को चाकसू में मोक्षधाम के पास जहर खाकर जिंदगी ही समाप्त कर ली। आज, 18 अप्रैल को बेटी आरजू की डोली सजने से पहले ही पिता रेवंत की अर्थी सजकर घर से विदा हुई।
घर में शहनाईयों की जगह सूनापन है, हर कोई गमजदा है
सुसाइड नोट
- फोटो : Vishnu Sharma
रेवंत सिंह की बेटी आरजू की आज शादी होनी है। लेकिन घर में शहनाईयों की जगह सूनापन है, हर कोई गमजदा है, लेकिन आरजू को गम से उबारने के लिए सिर्फ बनावटी हंसी हंस रहे है और आखिर, पिता के बिना ही बेटी की डोली उठ गई।
वहीं, दूसरी तरफ, रेवंत की मौत के बाद उनके पर्स में एक सुसाइड नोट मिला। जिसमें खुदकुशी से पहले रेवंत सिंह ने अपनी सिक्यूरिटी कंपनी के मालिक देवेंद्र सिंह व अन्य के द्वारा वेतन नहीं देकर परेशान करने की बात लिखी। जिसमें रेवंत सिंह ने 17 महिने की करीब साढ़े तीन लाख रुपए सेलेरी हड़पने और चेक बाउंस करने का आरोप लगाते हुए परेशान होकर खुदकुशी करने की बात लिखी है।
इस संबंध में रेवंत के 22 वर्षीय बेटे शक्ति सिंह ने चाकसू थाने में एआरएस कंपनी के एमडी देवेंद्र सिंह व अन्य के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज करवाया। जिसकी पुलिस ने जांच शुरु कर दी है।
वहीं, दूसरी तरफ, रेवंत की मौत के बाद उनके पर्स में एक सुसाइड नोट मिला। जिसमें खुदकुशी से पहले रेवंत सिंह ने अपनी सिक्यूरिटी कंपनी के मालिक देवेंद्र सिंह व अन्य के द्वारा वेतन नहीं देकर परेशान करने की बात लिखी। जिसमें रेवंत सिंह ने 17 महिने की करीब साढ़े तीन लाख रुपए सेलेरी हड़पने और चेक बाउंस करने का आरोप लगाते हुए परेशान होकर खुदकुशी करने की बात लिखी है।
इस संबंध में रेवंत के 22 वर्षीय बेटे शक्ति सिंह ने चाकसू थाने में एआरएस कंपनी के एमडी देवेंद्र सिंह व अन्य के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज करवाया। जिसकी पुलिस ने जांच शुरु कर दी है।