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ये कैसा स्कूल, बच्चों को पढ़ाने के नाम पर बनाया जाता है 'मुर्गा'
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 24 Nov 2017 04:05 PM IST
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स्कूल में ऐसे मिल रही सजा
- फोटो : amar ujala
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आज के दौर में भले ही बिना किसी दबाव के शिक्षा देने की बात की जाती हो, लेकिन अभी कई स्कूल ऐसे हैं जहां इसके विपरित हो रहा है।
ताजा मामला अलवर जिले के थानागाजी से जुड़ा है। यहां के गुढा किशोरी दास बस स्टैंड पर संचालित एक प्राइवेट स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के लिए तरह तरह की यातनाएं दी जा रही हैं। टैगोर विद्या निकेतन में पढ़ाई करवाने के नाम पर मासूम बालकों पर अत्याचार किया जा रहा है, लेकिन देखने वाला कोई नहीं है। इस विद्यालय में आए दिन ही छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में अव्वल आने के लिए मुर्गा बनाकर धूप में खड़ा कर दिया जाता है। मासूम बच्चे भी क्या करें मजबूरी में शिक्षक का आदेश मानना पड़ता है।
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ताजा मामला अलवर जिले के थानागाजी से जुड़ा है। यहां के गुढा किशोरी दास बस स्टैंड पर संचालित एक प्राइवेट स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के लिए तरह तरह की यातनाएं दी जा रही हैं। टैगोर विद्या निकेतन में पढ़ाई करवाने के नाम पर मासूम बालकों पर अत्याचार किया जा रहा है, लेकिन देखने वाला कोई नहीं है। इस विद्यालय में आए दिन ही छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में अव्वल आने के लिए मुर्गा बनाकर धूप में खड़ा कर दिया जाता है। मासूम बच्चे भी क्या करें मजबूरी में शिक्षक का आदेश मानना पड़ता है।
जिम्मेदार ये बोले
स्कूल में ऐसे मिल रही सजा
- फोटो : amar ujala
मामले पर जब स्कूल के शिक्षक जयराम से बात की तो उनका कहना है कि छात्र-छात्राओं को पढ़ाई करवाने के लिए मुर्गा बनाया जाता है। हमारा उद्देश्य किसी भी प्रकार का अत्याचार करना नहीं है। उधर, ब्लाक प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी दिनेश शर्मा का कहना है कि स्कूल में मासूम बच्चों को शारीरिक यातनाएं देकर पढ़ाना कानूनी जुर्म हैं। यदि ऐसा है तो कार्यवाही के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को अवगत कराया जाएगा।