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घर पहुंचने पर 'चीता' का ऐसा स्वागत, रियल हीरो से मिलने उमड़ा शहर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 01 Dec 2017 08:09 PM IST
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कोटा में चेतन चीता
- फोटो : अमर उजाला
कश्मीर में आंतकियों के साथ मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद लश्कर ए तैयबा के आतंकवादी को ढेर करने वाले चेतन चीता आज अपने होम टाउन कोटा पहुंचे। यहां पहुंचने पर उनका रियल हीरो की तरह स्वागत हुआ।
चेतन चीता इस घटना के बाद पहली बार कोटा पहुंचे। यहां एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया। शहर में उनका जगह-जगह स्वागत हुआ। इस दौरान वे कोचिंग सिटी कोटा के स्टूडेंट भी उनसे रूबरू हुए। स्टूडेंट्स ने उनसे सवाल-जवाब किए। चीता ने कहा कि जिंदगी में कभी हार नहीं माननी चाहिए, जो करके दिखाता है वहीं असली हीरो होता है।
इसके बाद चेतन चीता ने मीडिया से कहा कि उनकी सलामती के लिए देशभर में दुआएं की गई। उन्हें इस पर फक्र है। कोटा में हुए स्वागत पर उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि कि उनके शहरवासी उन्हें इतना चाहते है।
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चेतन चीता इस घटना के बाद पहली बार कोटा पहुंचे। यहां एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया। शहर में उनका जगह-जगह स्वागत हुआ। इस दौरान वे कोचिंग सिटी कोटा के स्टूडेंट भी उनसे रूबरू हुए। स्टूडेंट्स ने उनसे सवाल-जवाब किए। चीता ने कहा कि जिंदगी में कभी हार नहीं माननी चाहिए, जो करके दिखाता है वहीं असली हीरो होता है।
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इसके बाद चेतन चीता ने मीडिया से कहा कि उनकी सलामती के लिए देशभर में दुआएं की गई। उन्हें इस पर फक्र है। कोटा में हुए स्वागत पर उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि कि उनके शहरवासी उन्हें इतना चाहते है।
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कश्मीर के हालात पर 'चीता' ने ये कहा
बच्चों से मिलने पहुंचे चेतन चीता
- फोटो : अमर उजाला
चेतन चीता ने जम्मू कश्मीर के वर्तमान हालत के बारे में कहा कि वहां की स्थिति अभी भी ठीक नहीं है। उन्होनें कहा कि कश्मीर के नेता वहां की राजनीति के चलते जो बयानबाजी करते है, वो गंभीर है। सर्जिकल स्ट्राईक के सबूत मांगना भी हास्यापद है। उन्होंने कहा कि वो अभी भी फिट है और सरकार जो आदेश देगी, उसके लिए वे तैयार है।
गौरतलब है कि सीआरपीएफ के 45 वें बटालियन के 45 वर्षीय कमांडिंग ऑफिसर चेतन चीता ने 14 फरवरी को बांदीपुरा में हजिन क्षेत्र के पैरे मोहल्ला मुठभेड़ में अपनी टीम का नेतृत्व किया। इस मुठभेड़ के दौरान कई गोलियां लगने के बाद भी वे बहादुरी से आतंकियों से लड़ते रहे।
पूरी तरह छलनी होने और आंख में गोली लगने के बावजूद चेतन चीता ने 16 राउंड गोलियां चलाई और लश्कर के खतरनाक आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी कमांडर अबू हारिस को ढ़ेर कर दिया।
गौरतलब है कि सीआरपीएफ के 45 वें बटालियन के 45 वर्षीय कमांडिंग ऑफिसर चेतन चीता ने 14 फरवरी को बांदीपुरा में हजिन क्षेत्र के पैरे मोहल्ला मुठभेड़ में अपनी टीम का नेतृत्व किया। इस मुठभेड़ के दौरान कई गोलियां लगने के बाद भी वे बहादुरी से आतंकियों से लड़ते रहे।
पूरी तरह छलनी होने और आंख में गोली लगने के बावजूद चेतन चीता ने 16 राउंड गोलियां चलाई और लश्कर के खतरनाक आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी कमांडर अबू हारिस को ढ़ेर कर दिया।