राजस्थान में बदलाव: कुछ मंत्री पद छोड़ने के इच्छुक, अजय माकन ने फेरबदल से पहले यह कहा
राजस्थान के अशोक गहलोत मंत्रिमंडल में बदलाव की तैयारी चल रही है। सचिन पायलट गुट के असंतुष्टों को समायोजित करने के लिए यह फेरबदल होना है।
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राजस्थान की अशोक गहलोत नीत कांग्रेस सरकार में बदलाव जल्द संभावित है। शुक्रवार को कांग्रेस के महासचिव अजय माकन ने कहा कि राज्य के कुछ मंत्रियों ने इस्तीफा देकर संगठन के लिए काम करने की मंशा जताई है।
राजस्थान के प्रभारी कांग्रेस महासचिव माकन का यह बयान महत्वपूर्ण है। वे बीते कुछ दिनों से लगातार राज्य के कांग्रेस विधायकों व अन्य नेताओं से सलाह मशवरा कर रहे हैं। राज्य मंत्रिमंडल में फेरबदल व जिला कांग्रेस अध्यक्ष पदों पर जल्द नियुक्तियां संभावित हैं। असंतुष्ट नेता व पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के समर्थक सत्ता में बड़ी हिस्सेदारी की मांग कर रहे हैं।
जयपुर में पत्रकारों से चर्चा में माकन ने कहा कि कुछ मंत्री हैं जो सरकार में पद छोड़ना चाहते हैं। हमें ऐसे लोगों पर गर्व है। उनके बयान से स्पष्ट हो गया है कि गहलोत सरकार के कुछ मंत्री इस्तीफे देंगे, ताकि नए चेहरों को मौका दिया जा सके। माकन ने यह भी कहा कि 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस राजस्थान में फिर सत्ता में जाएगी। हम हमारे सदस्यों के बल पर यह कर दिखाएंगे, जो कि सब छोड़ने को तैयार हैं और संगठन के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि राजस्थान के मंत्रियों ने मेरा खुद का उदाहरण दिया और कहा कि 2013 में उन्होंने संगठन का काम करने के लिए मंत्री पद छोड़ दिया था। माकन ने विधायकों के अलावा सीएम अशोक गहलोत, सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, स्पीकर सीपी जोशी से भी मुलाकात की। सभी ने कहा कि उन्हें हाईकमान में पूरा विश्वास है। उन्हें हाईकमान द्वारा जो भी भूमिका दी जाएगी, वह वे पूरी तरह निभाएंगे।
कांग्रेस कार्यकारिणी के नेताओं से मुलाकात की
माकन ने बुधवार व गुरुवार को कांग्रेस व उसके सहयोगी दलों के 115 विधायकों से मुलाकात कर बदलाव को लेकर उनकी राय जानी। शुक्रवार को उन्होंने जयपुर में कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी के नेताओं से विचार-विमर्श किया।
माकन अब कांग्रेस हाईकमान को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। कांग्रेस महासचिव ने कहा कि विधायकों व नेताओं से चर्चा में हमने मुख्य रूप से 2023 में राज्य में फिर सत्ता में वापसी को लेकर चर्चा की। यह महसूस किया गया कि सरकार व संगठन के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए, ताकि पार्टी को पुन: सत्ता में लाया जा सके। माकन ने गहलोत सरकार के कामकाज की भी तारीफ की।