Back Foot: 'काला कानून' होगा वापस, सीएम ने विधानसभा में किया ऐलान
यह विवादित बिल राजस्थान विधानसभा के पिछले सत्र में पेश किया गया था। इसके तहत राज्य सरकार लोकसेवक एवं नौकरशाहों के खिलाफ किसी भी तरह का मुकदमा सरकार की मंजूरी के बिना दर्ज नहीं किए जाने का प्रावधान करना चाहती थीं। इस विधेयक को काला कानून करार देकर विपक्ष ने कड़ा विरोध किया। विधानसभा के बाहर भी इस संशोधन विधेयक का जमकर विरोध हुआ।
जिसके बाद इसे प्रवर समिति को सौंप दिया। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने आज सदन में कहा कि इस काले कानून को प्रवर समिति से वापस लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो बिल लागू ही नहीं हुआ उस पर कांग्रेस बात कर रही है। राजे ने कहा कि जिस आॅर्डिनेंस को हमने लेप्स होने दिया, उस पर बात करना बेमानी है।
कांग्रेस पर साधा निशाना
शाम को जब सदन में मुख्यमंत्री अपना वक्तव्य देने के लिए खड़ी हुई तो विपक्ष ने हंगामा कर दिया। इस पर राजे ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं बचा, जिसकी वजह से वो हंगामा कर रही है। मुख्यमंत्री के भाषण के बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी।