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RCA ELECTION: मोदी से नाराज बीसीसीआई ने लगाया था बैन, जानिए पूरी कहानी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 02 Jun 2017 02:35 PM IST
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ललित मोदी
- फोटो : getty
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बीसीसीआई की नाराजगी राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) को झेलना पड़ी। दरअसल बैन की दास्तां साल 2013 से शुरू हुई, जब अनुशासनहीनता और अनियमितताओं को लेकर बीसीसीआई ने ललित मोदी पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया। इसके बाद साल 2014 में ललित मोदी आरसीए अध्यक्ष पद पर काबिज हो गए, तो नाराज बीसीसीआई ने आरसीए पर प्रतिबंध लगा दिया।
राजस्थान के क्रिकेट के लिए बीसीसीआई का ये प्रतिबंध काफी नुकसान देने वाला रहा। इस प्रतिबंध के बाद राजस्थान में क्रिकेट की स्थित बदतर होती गई। न उच्च स्तरीय मैच हुए न ही सुविधाएं मिली। अकेडमी, स्टेडियम और खिलाड़ी पैसे की कमी झेलते रहे हैं। दरअसल, साल 2013 में ही बीसीसीआई ने आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी पर प्रतिबंध लगा दिया था। बीसीसीआई की अनुशासन समिति ने मोदी को अनुशासनहीनता और अनियमितता बरतने के मामले में दोषी पाया और बैन लगाया दिया। मोदी पर आठ आरोप लगाए गए थे, जिनमें उन्हें दोषी माना गया। इसके बाद सर्वसम्मति से मोदी पर आजीवन प्रतिबंध लगाया गया।
कमेटी ने कहा कि ललित मोदी को गंभीर अनियमितताओं और अनुशासनहीनता का दोषी पाया गया है। लिहाजा बोर्ड अपने नियम और कानून की धारा 32 के तहत अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए ललित मोदी को बीसीसीआई से निष्कासित कर दिया।
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मोदी पर जो आरोप लगे थे, उनमें आईपीएल के दौरान पैसे की हेराफेरी और दो नई टीमों की नीलामी में गलत तौर-तरीके अपनाना शामिल थे। आईपीएल 2010 फाइनल के बाद उन्हें बीसीसीआई से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
इसके बाद साल 2014 में राजस्थान क्रिकेट संघ के चुनावों में आजीवन प्रतिबंधित ललित मोदी आरसीए के नए अध्यक्ष चुने गए। वहीं दूसरी तरफ बीसीसीआई ने ललित मोदी को अध्यक्ष पद मिलने के बाद राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन को सस्पेंड कर दिया। बोर्ड ने आरसीए पर संविधान का उल्लंघन करने का आरोप लगाया और तभी से प्रतिबंध अब तक जारी है।
अब आरसीए चुनाव में सीपी जोशी के जीतने के बाद बीसीसीआई के बैन के हटने की उम्मीद लगाई जा रही है।
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राजस्थान के क्रिकेट के लिए बीसीसीआई का ये प्रतिबंध काफी नुकसान देने वाला रहा। इस प्रतिबंध के बाद राजस्थान में क्रिकेट की स्थित बदतर होती गई। न उच्च स्तरीय मैच हुए न ही सुविधाएं मिली। अकेडमी, स्टेडियम और खिलाड़ी पैसे की कमी झेलते रहे हैं। दरअसल, साल 2013 में ही बीसीसीआई ने आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी पर प्रतिबंध लगा दिया था। बीसीसीआई की अनुशासन समिति ने मोदी को अनुशासनहीनता और अनियमितता बरतने के मामले में दोषी पाया और बैन लगाया दिया। मोदी पर आठ आरोप लगाए गए थे, जिनमें उन्हें दोषी माना गया। इसके बाद सर्वसम्मति से मोदी पर आजीवन प्रतिबंध लगाया गया।
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कमेटी ने कहा कि ललित मोदी को गंभीर अनियमितताओं और अनुशासनहीनता का दोषी पाया गया है। लिहाजा बोर्ड अपने नियम और कानून की धारा 32 के तहत अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए ललित मोदी को बीसीसीआई से निष्कासित कर दिया।
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मोदी पर जो आरोप लगे थे, उनमें आईपीएल के दौरान पैसे की हेराफेरी और दो नई टीमों की नीलामी में गलत तौर-तरीके अपनाना शामिल थे। आईपीएल 2010 फाइनल के बाद उन्हें बीसीसीआई से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
इसके बाद साल 2014 में राजस्थान क्रिकेट संघ के चुनावों में आजीवन प्रतिबंधित ललित मोदी आरसीए के नए अध्यक्ष चुने गए। वहीं दूसरी तरफ बीसीसीआई ने ललित मोदी को अध्यक्ष पद मिलने के बाद राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन को सस्पेंड कर दिया। बोर्ड ने आरसीए पर संविधान का उल्लंघन करने का आरोप लगाया और तभी से प्रतिबंध अब तक जारी है।
अब आरसीए चुनाव में सीपी जोशी के जीतने के बाद बीसीसीआई के बैन के हटने की उम्मीद लगाई जा रही है।