{"_id":"59edd8f04f1c1b6a678b72c6","slug":"bar-council-jaipur-will-protest-of-controversial-bill-tabled-today-in-rajasthan-assembly","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बिल के विरोध में उतरे वकील भी, कल नहीं करेंगे पैरवी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिल के विरोध में उतरे वकील भी, कल नहीं करेंगे पैरवी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 23 Oct 2017 05:47 PM IST
विज्ञापन
advocate
लोक सेवकों के बचाव में पेश किए गए बिल का विरोध तेज होता जा रहा है। राजस्थान विधानसभा में सीआरपीसी में संसोधन से जुड़ा विधेयक आज पेश किया गया। विधेयक पटल पर रखने के बाद इसका विरोध भी बढ़ता जा रहा है। पहले केवल विपक्ष में बैठी कांग्रेस ने ही इसका विरोध शुरू किया। इसके बाद अब वकील भी सामने आए हैं। वकील अब इस बिल के तहत किए जा रहे संशोधन के विरोध में एक दिन की हड़ताल पर जाएंगे।
सीआरपीसी के प्रावधान में संशोधन का मामला सामने आने के बाद बार एसोसिएशन जयपुर ने विरोध करने का फैसला लिया है। जानकारी के मुताबिक अब पहले निचली अदालत के वकील मंगलवार को हड़ताल पर रहेंगे, वे काम नहीं करेंगे।
बार एसोसिएशन के महासचिव लोकेश शर्मा ने बताया कि निचली अदालत के वकील इसके विरोध में आ गए हैं। बार एसोसिएशन की ओर से हड़ताल की घोषणा कर दी गई है। इसमें कल वकील निचली अदालतों में पैरवी नहीं करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीआरपीसी के प्रावधान में संशोधन का मामला सामने आने के बाद बार एसोसिएशन जयपुर ने विरोध करने का फैसला लिया है। जानकारी के मुताबिक अब पहले निचली अदालत के वकील मंगलवार को हड़ताल पर रहेंगे, वे काम नहीं करेंगे।
विज्ञापन
बार एसोसिएशन के महासचिव लोकेश शर्मा ने बताया कि निचली अदालत के वकील इसके विरोध में आ गए हैं। बार एसोसिएशन की ओर से हड़ताल की घोषणा कर दी गई है। इसमें कल वकील निचली अदालतों में पैरवी नहीं करेंगे।
विज्ञापन
Trending Videos
पत्रकार भी कल करेंगे विरोध
demo pic
दरअसल अध्यादेश यदि कानून बन जाता है तो राजस्थान में सांसद-विधायक, जज और अफसर के खिलाफ मामला दर्ज करवाना अब आसान नहीं होगा। इनके खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाने से पहले सरकार से इजाजत लेनी होगी।
इसका कारण विधानसभा में पेश होने वाला वह अध्यादेश है जिसके तहत जजों और लोकसेवकों के विरुद्ध मामला दर्ज करने से पहले सरकार की अनुमति की व्यवस्था की गई है। यह अध्यादेश सीआरपीसी के प्रावधान में संसोधन से जुड़ा हुआ है।
बिल के प्रावधान के अनुसार मामला दर्ज होने से पहले यदि लोक सेवक का नाम उजागर कर दिया, तो दो साल की सजा हो सकती है। एेसे में पत्रकार भी इस बिल के विरोध में आ गए हैं। इस बिल के विरोध में मंगलवार को जयपुर के सभी पत्रकार भी विरोध व्यक्त करेंगे। कल सुबह 10 बजे पिंकसिटी प्रेस क्लब से विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे।
सभी पत्रकार अपनो बाहों पर काली पट्टी बांध कर विधानसभा के लिए रवाना होंगे। यह विरोध प्रदर्शन पिंकसिटी प्रेस क्लब, राजस्थान श्रमजीवी पत्रकार संघ समेत विभिन्न पत्रकार संगठन मौजूद रहेंगे।
इसका कारण विधानसभा में पेश होने वाला वह अध्यादेश है जिसके तहत जजों और लोकसेवकों के विरुद्ध मामला दर्ज करने से पहले सरकार की अनुमति की व्यवस्था की गई है। यह अध्यादेश सीआरपीसी के प्रावधान में संसोधन से जुड़ा हुआ है।
बिल के प्रावधान के अनुसार मामला दर्ज होने से पहले यदि लोक सेवक का नाम उजागर कर दिया, तो दो साल की सजा हो सकती है। एेसे में पत्रकार भी इस बिल के विरोध में आ गए हैं। इस बिल के विरोध में मंगलवार को जयपुर के सभी पत्रकार भी विरोध व्यक्त करेंगे। कल सुबह 10 बजे पिंकसिटी प्रेस क्लब से विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे।
सभी पत्रकार अपनो बाहों पर काली पट्टी बांध कर विधानसभा के लिए रवाना होंगे। यह विरोध प्रदर्शन पिंकसिटी प्रेस क्लब, राजस्थान श्रमजीवी पत्रकार संघ समेत विभिन्न पत्रकार संगठन मौजूद रहेंगे।