{"_id":"5a8192be4f1c1b9b248b4977","slug":"armed-with-ambulance-and-came-with-a-knife-attack-now-the-punishment","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"एंबूलेंस में आए और चाकू से किए थे ताबड़तोड़ हमले, अब मिली ये सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एंबूलेंस में आए और चाकू से किए थे ताबड़तोड़ हमले, अब मिली ये सजा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 12 Feb 2018 07:18 PM IST
विज्ञापन
demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एंबुलेंस में सवार होकर आए लोगों ने सड़क के बीचों-बीच अपने ही साथी पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर हमला कर दिया। अब कोर्ट ने आरोपियों को सजा सुनाई है।
जयपुर के अतिरिक्त सत्र न्यायालय क्रम-12 ने एसएमएस अस्पताल के सहकर्मी वार्ड ब्वॉय की हत्या का प्रयास करने वाले जितेन्द्र और अशोक को दस साल की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक अभियुक्त पर 55 हजार पांच सौ रुपए का जुर्माना भी लगाया है। इसके साथ ही अदालत ने आदेश की कॉपी डीजीपी को भेजते हुए लचर जांच करने वाले जांच अधिकारी भारतसिंह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए हैं। वहीं पक्षद्रोही हुए गवाह अजय, संपतलाल और ओमप्रकाश के खिलाफ अलग से मुकदमा चलाने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 340 के तहत नोटिस जारी किए हैं।
मामले में राजेश तेली को दोषमुक्त किया गया है। जबकि एक अन्य आरोपी दीपक की पूर्व में मौत हो चुकी है।
विज्ञापन
जयपुर के अतिरिक्त सत्र न्यायालय क्रम-12 ने एसएमएस अस्पताल के सहकर्मी वार्ड ब्वॉय की हत्या का प्रयास करने वाले जितेन्द्र और अशोक को दस साल की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक अभियुक्त पर 55 हजार पांच सौ रुपए का जुर्माना भी लगाया है। इसके साथ ही अदालत ने आदेश की कॉपी डीजीपी को भेजते हुए लचर जांच करने वाले जांच अधिकारी भारतसिंह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए हैं। वहीं पक्षद्रोही हुए गवाह अजय, संपतलाल और ओमप्रकाश के खिलाफ अलग से मुकदमा चलाने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 340 के तहत नोटिस जारी किए हैं।
मामले में राजेश तेली को दोषमुक्त किया गया है। जबकि एक अन्य आरोपी दीपक की पूर्व में मौत हो चुकी है।
अदालत के सामने आया ये
अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक महावीर सिंह किशनावत ने अदालत को बताया कि एसएमएस अस्पताल में वार्ड ब्वॉय राजेश गोयर की अस्पताल में ही काम करने वाले अभियुक्तों से पुरानी रंजिश थी।
घटना के दिन 5 जून 2012 को राजेश गोयर ड्यूटी खत्म कर घर जा रहा था। चरक भवन के सामने अभियुक्त निजी एंबुलेंस में आए और राजेश गोयर पर चाकुओं से हमला कर दिया। इसके बाद अभियुक्त वहां से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित ने मोतीडूंगरी थाना पुलिस को पर्चा बयान देकर एफआईआर कराई।
जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अभियुक्तों को गिरफ्तार कर अदालत में आरोप पत्र पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 21 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए।
घटना के दिन 5 जून 2012 को राजेश गोयर ड्यूटी खत्म कर घर जा रहा था। चरक भवन के सामने अभियुक्त निजी एंबुलेंस में आए और राजेश गोयर पर चाकुओं से हमला कर दिया। इसके बाद अभियुक्त वहां से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित ने मोतीडूंगरी थाना पुलिस को पर्चा बयान देकर एफआईआर कराई।
जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अभियुक्तों को गिरफ्तार कर अदालत में आरोप पत्र पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 21 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए।