{"_id":"59e451394f1c1b74698b5f2a","slug":"alwar-police-blamed-for-snatched-cow-from-dairy-farmer","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गौपालक को गौतस्कर साबित करने में जुटी पुलिस! एक गाय की मौत, अब नए आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गौपालक को गौतस्कर साबित करने में जुटी पुलिस! एक गाय की मौत, अब नए आदेश
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 16 Oct 2017 12:36 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कथित गौतस्कर पहलू खान की मौत के मामले में अभी तक पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं अब पुलिस की एक और कार्रवाई ने अलवर को सुर्खियों में ला दिया है।
यहां के किशनगढ़बास क्षेत्र में पुलिस पर आरोप लगा है कि एक स्थानीय भाजपा नेता की शह पर पुलिसवाले एक मुस्लिम गौपालक को गौतस्कर साबित करने में जुटे हैं। पुलिस पर आरोप है कि दस दिन पूर्व पुलिसकर्मी गौपालक सुब्बामेव से 51 से अधिक गौवंश छीन लाए और उन्हें एक स्थानीय गौशाला में छोड़ दिया।
इसके बाद से गौपालक सुब्बामेव अपनी गायों को वापस लेने के लिए भटक रहा है।
विज्ञापन
यहां के किशनगढ़बास क्षेत्र में पुलिस पर आरोप लगा है कि एक स्थानीय भाजपा नेता की शह पर पुलिसवाले एक मुस्लिम गौपालक को गौतस्कर साबित करने में जुटे हैं। पुलिस पर आरोप है कि दस दिन पूर्व पुलिसकर्मी गौपालक सुब्बामेव से 51 से अधिक गौवंश छीन लाए और उन्हें एक स्थानीय गौशाला में छोड़ दिया।
विज्ञापन
इसके बाद से गौपालक सुब्बामेव अपनी गायों को वापस लेने के लिए भटक रहा है।
एक गाय की हुई मौत
फाइल फोटो।
मामले को तूल पकड़ता देख एसडीएम ने इसकी जांच की और अब आदेश दिए है कि सुब्बामेव गौपालक ही है और उसे गायें वापस कर दी जाए। जानकारी के अनुसार गौशाला में रखी गई सुब्बामेव की गायों में से एक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गाय गंभीर रुप से घायल है।
वहीं गौशाला प्रबंधन का कहना है कि गाय की मौत बीमारी से हुई है। जबकि इस मामले से जुड़े पुलिस अधिकारी का कहना है गायों को स्थानीय ग्रामीणों ने ही गौशाला में छोड़ा है।
वहीं गौशाला प्रबंधन का कहना है कि गाय की मौत बीमारी से हुई है। जबकि इस मामले से जुड़े पुलिस अधिकारी का कहना है गायों को स्थानीय ग्रामीणों ने ही गौशाला में छोड़ा है।