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लाचार बूढ़ी मां को उसका हक दिलाकर कलेक्टर ने निभाया बेटे का फर्ज
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 06 Apr 2017 04:54 PM IST
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अजमेर कलेक्टर गौरव गोयल
- फोटो : amar ujala
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जिन बेटों को पाल पोस कर बड़ा किया, उन्हीं बेटों ने 70 वर्षीय बूढ़ी मां को धक्के मारकर घर से निकाल दिया। उसी मां को अजमेर जिला कलेक्टर ने ना केवल घर में स्थान दिलवाया बल्कि उसके भरण पोषण के लिए मासिक राशि भी तय करवाई।
अजमेर जिले के ब्यावर कस्बे में रहने वाली कमला मेवाड़ा को उसके बेटे महेन्द्र व सुरेन्द्र ने घर से धक्के देकर बाहर निकाल दिया। कमला रोती गिड़गिड़ाती रही लेकिन बेटों को उस पर जरा भी तरस नहीं आया।
आखिरकार कमला अपनी बेटी संतोष के पास जाकर बेमन से रही। कमला ने बताया कि उसके पति ने दोनों बेटों को सक्षम बनाया और अपनी गाढ़ी कमाई से उन्हें मकान बनवाकर दिया। इसके बावजूद बेटों ने उसे खर्चा नहीं चलने की बात कहकर निकाल दिया।
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लाचार कमला को किसी ने अजमेर जिला कलेक्टर गौरव गोयल से मिलने का सुझाव दिया। जिसके बाद कमला कलेक्टर गोयल के पास गई तो वहां ना सिर्फ उसकी फरीयाद सुनी गई बल्कि उसे कलेक्टर आॅफिस में सम्मान भी दिया गया।
कमला की पीड़ा सुनने के बाद गोयल ने उसके दोनों बेटों महेन्द्र एवं सुरेन्द्र के नाम गिरफ्तारी वारंट जारी करा दिया और उन्हें तलब किया। कलेक्टर ने कमला के दोनों बेटों को फटकार लगाते हुए अपने घर में रहने की जगह देने को कहा और उसे जीवनयापन के लिए दस-दस हजार रूपए मासिक देने के लिए भी पाबंद किया। जिसके बाद कमला के दोनों बेटों से अगले तीन महीने की राशि 60 हजार के रूप में कमला के बैंक खाते में जमा कराई गई और उन्हें भविष्य में कमला से बदसलूकी करने की शिकायत मिलने पर जेल में डाल देने की चेतावनी दी गई।
गौरतलब है कि जिला कलेक्टर गौरव गोयल ने पूर्व में भी एक वृद्ध पिता को अपने इकलौते बेटे व बहु की प्रताड़नाओं से निजात दिलवाकर लाखों रूपए की राशि भी वृद्ध के खाते में जमा करवाई थी। उसके बाद से वृद्ध आराम से अपनी जिंदगी व्यतीत कर रहा है।
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अजमेर जिले के ब्यावर कस्बे में रहने वाली कमला मेवाड़ा को उसके बेटे महेन्द्र व सुरेन्द्र ने घर से धक्के देकर बाहर निकाल दिया। कमला रोती गिड़गिड़ाती रही लेकिन बेटों को उस पर जरा भी तरस नहीं आया।
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आखिरकार कमला अपनी बेटी संतोष के पास जाकर बेमन से रही। कमला ने बताया कि उसके पति ने दोनों बेटों को सक्षम बनाया और अपनी गाढ़ी कमाई से उन्हें मकान बनवाकर दिया। इसके बावजूद बेटों ने उसे खर्चा नहीं चलने की बात कहकर निकाल दिया।
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लाचार कमला को किसी ने अजमेर जिला कलेक्टर गौरव गोयल से मिलने का सुझाव दिया। जिसके बाद कमला कलेक्टर गोयल के पास गई तो वहां ना सिर्फ उसकी फरीयाद सुनी गई बल्कि उसे कलेक्टर आॅफिस में सम्मान भी दिया गया।
कमला की पीड़ा सुनने के बाद गोयल ने उसके दोनों बेटों महेन्द्र एवं सुरेन्द्र के नाम गिरफ्तारी वारंट जारी करा दिया और उन्हें तलब किया। कलेक्टर ने कमला के दोनों बेटों को फटकार लगाते हुए अपने घर में रहने की जगह देने को कहा और उसे जीवनयापन के लिए दस-दस हजार रूपए मासिक देने के लिए भी पाबंद किया। जिसके बाद कमला के दोनों बेटों से अगले तीन महीने की राशि 60 हजार के रूप में कमला के बैंक खाते में जमा कराई गई और उन्हें भविष्य में कमला से बदसलूकी करने की शिकायत मिलने पर जेल में डाल देने की चेतावनी दी गई।
गौरतलब है कि जिला कलेक्टर गौरव गोयल ने पूर्व में भी एक वृद्ध पिता को अपने इकलौते बेटे व बहु की प्रताड़नाओं से निजात दिलवाकर लाखों रूपए की राशि भी वृद्ध के खाते में जमा करवाई थी। उसके बाद से वृद्ध आराम से अपनी जिंदगी व्यतीत कर रहा है।