रेलवे क्रॉसिंग पर 10 लोगों की मौत, सरकार 6 माह में निकाले मामले का हल
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राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा है कि सीकर चूरू रेलवे लाइन के गेट नंबर 32 के बंद होने के कारण क्रॉसिंग पार करने के दौरान अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में रेलवे और राज्य सरकार निरीक्षण कर पता लगाएं कि यदि यहां अंडर ब्रिज बनता है तो कितने लोग उसका उपयोग करेंगे।
इसके साथ ही अदालत ने राज्य सरकार को अंडर ब्रिज बनाने के संबंध में 6 माह में निर्णय करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि यदि अंडर ब्रिज बनाने का निर्णय होता है तो रेलवे उसका निर्माण करें और राज्य सरकार उसका खर्चा वहन करें। न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश पूरण सिंह व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता अनूप ढंड ने अदालत को बताया कि सीकर चूरू रेलवे लाइन के हरसावा बाड़ा से अलखपुरा के मध्य गेट नंबर 32 को 10 साल पहले बंद किया गया था। दोनों गांव के बीच निकटतम क्रॉसिंग करीब ढाई किलोमीटर दूर है। ऐसे में ग्रामीण बंद क्रॉसिंग से आवाजाही करते हैं। जिसके चलते अब तक यहां 10 लोगों की मौत हो चुकी है।
ये सामने आ रही है परेशानी
अदालत को बताया गया कि रेलवे यहां अंडर ब्रिज बनाने को तैयार है लेकिन रेलवे की शर्त है कि निर्माण का खर्चा राज्य सरकार उठाए।
याचिका में कहा गया कि राज्य सरकार भी निर्माण का खर्चा उठाने को तैयार है, लेकिन दोनों विभागों में समन्वय नहीं होने के चलते निर्माण कार्य आरंभ नहीं हो रहा है। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने अंडर ब्रिज बनाने के संबंध में 6 माह में निर्णय करने के आदेश देते हुए ब्रिज बनाने की स्थिति में उसका खर्चा राज्य सरकार को उठाने को कहा है।