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जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बोले- जितना बीमार हूं, उतना ही लिखना
मुंबई, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 18 Aug 2018 05:41 AM IST
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद उनसे जुड़े लोगों की भूली-बिसरी यादें ताजा हो गई हैं। वाजपेयी की हाजिरजवाबी के सभी कायल थे। इसकी एक बानगी साल 2001 में मुंबई में देखने को मिली थी जब वे अपने घुटने का ऑपरेशन करवाने मुंबई आए थे।
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अटल बिहारी वाजपेयी के घुटने का ऑपरेशन मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुआ था। ऑपरेशन से पहले उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की थी और मीडियाकर्मियों से कहा था कि जितना बीमार हूं, उतना ही लिखना।
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दरअसल, अटल बिहारी वाजपेयी के घुटनों की बीमारी को लेकर समाचार पत्रों में अलग-अलग तरह की खबरें प्रकाशित हो रही थीं। घुटने के ऑपरेशन से पहले उन्होंने अस्पताल में पत्रकारों से बातचीत की थी और उस बातचीत के दौरान उन्होंने हंसते हुए पत्रकारों से कहा था कि जितना बीमार हूं, उतना ही लिखिए, न कम न ज्यादा। वाजपेयी की यह बात सुनकर वहां मौजूद सभी मुस्कुरा उठे थे।
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अटल बिहारी वाजपेयी को घुटनों में ‘ऑस्टियोआर्थरिटीस’ नामक बीमारी की बात साल 2000 में सामने आई थी। इसके बाद उनके बांए घुटने का ऑपरेशन मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुआ था। साल 2000 में न्यूयॉर्क से भारतीय मूल के हड्डी रोग विशेषज्ञ चित्तरंजन राणावत को बुलाया गया था। उनके साथ हड्डी रोग विशेषज्ञों की एक टीम भी साथ आई थी।
डॉ. राणावत ने अटल के बाएं घुटने का ऑपरेशन किया था और उसी समय उन्होंने वाजपेयी को उनके दाएं घुटने का ऑपरेशन कराने की सलाह दी थी। उसके बाद 2001 में एक बार फिर वाजपेयी को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। इस बार डॉ. राणावत ने उनके दाएं घुटने का ऑपरेशन किया था।