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Ram Mandir: 'पश्चिमी मीडिया में राम मंदिर का पक्षपाती कवरेज...', अमेरिका-कनाडा समेत इन देशों में VHP की शिकायत
Wed, 24 Jan 2024 12:38 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Wed, 24 Jan 2024 12:38 PM IST
सार
वीएचपी अमेरिका ने राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर हिंदुओं के खिलाफ नफरत को बढ़ावा देने के लिए पश्चिमी मीडिया की निंदा की है। उन्होंने मीडिया संस्थानों को अपने वेबसाइट से झूठी खबरों को हटाने के साथ हिंदू समुदाय से माफी मांगने की भी मांग की है।
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VHP America
- फोटो : Social Media
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विस्तार
अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में विश्व हिंदू परिषद की शाखाओं ने अयोध्या राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की पक्षपात कवरेज को लेकर अपने-अपने देश की पश्चिमी मीडिया की आलोचना की है। इसके साथ ही उन्होंने नए समाचार के लेखों को हटाने की मांग भी की है।
वीएचपी अमेरिका ने जारी किया बयान
अमेरिका में विश्व हिंदू परिषद ने एक बयान जारी करते हुए कहा, 'वीएचपी अमेरिका पश्चिमी मीडिया के समाचार लेखों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग करता है। इस झूठी प्रचार के लिए हम सार्वजनिक तौर पर हिंदू समुदाय से माफी मांगने का आह्वान करते हैं। हम इन समाचार प्लेटफॉर्म से आग्रह करते हैं कि वह प्रसांगिक तथ्यों के साथ ही दोबारा लेख प्रकाशित करें।'
उन्होंने आगे कहा, 'पक्षपातपूर्ण कवरेज के जरिये झूठी कहानियों के कारण न केवल असामाजिक भावनाओं को बढ़ावा मिलता है, बल्कि शांतिप्रिय, मेहनती और योगदान देने वाले हिंदू अमेरिकी समुदाय के लिए भी खतरा पैदा होता है। उसने कहा कि इस तरह का कार्य गैर-जिम्मेदाराना पत्रकारिता के समान हैं, जिस पर ध्यान दिया जाना चाहिए।'
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वीएचपी अमेरिका ने हिंदुओं के खिलाफ नफरत को बढ़ावा देने के लिए पश्चिमी मीडिया की निंदा की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की खबरें उस दिन के महत्व को फीका कर दिया है। वीएचपी अमेरिका ने आगे कहा, 'हम पूछते हैं कि आखिर क्यों इन संस्थानों ने हिंदू विरोधियों द्वारा दिए गए तथ्यों को जगह दी।' उन्होंने इसी के साथ पश्चिमी मीडिया संस्थानों को अपने वेबसाइट से ऐसी खबरों को हटाने के साथ हिंदू समुदाय से माफी मांगने की भी मांग की है।
वीएचपी कनाडा और ऑस्ट्रेलिया ने भी की निंदा
वीएचपी कनाडा और ऑस्ट्रेलिया की तरफ से भी इसी तरह का बयान जारी किया गया है। उन्होंने कहा, 'दुनियाभर में हिंदू समुदाय शांतिप्रिय और प्रगतिशील हैं। वे 'वसुधैव कुटुम्बकम' में विश्वास रखते हैं। ऐसे लेख समाज में हिंदू समुदाय के लिए नफरत पैदा कर सकते हैं। यह हिंदूफोबिया को बढ़ावा दे सकता है।'
वीएचपी ऑस्ट्रेलिया ने इसे दुर्भावनापूर्ण और गैरजिम्मेदराना रिपोर्टिंग कहते हुए पश्चिमी मीडिया की निंदा की है। उन्होंने सरकार और ऑस्ट्रेलिया प्रेस काउंसिल से इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। वीएचपी कनाडा ने भी समाचार के लेखों को सुधार कर दोबारा से प्रकाशित करने की मांग की है।
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वीएचपी अमेरिका ने जारी किया बयान
अमेरिका में विश्व हिंदू परिषद ने एक बयान जारी करते हुए कहा, 'वीएचपी अमेरिका पश्चिमी मीडिया के समाचार लेखों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग करता है। इस झूठी प्रचार के लिए हम सार्वजनिक तौर पर हिंदू समुदाय से माफी मांगने का आह्वान करते हैं। हम इन समाचार प्लेटफॉर्म से आग्रह करते हैं कि वह प्रसांगिक तथ्यों के साथ ही दोबारा लेख प्रकाशित करें।'
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उन्होंने आगे कहा, 'पक्षपातपूर्ण कवरेज के जरिये झूठी कहानियों के कारण न केवल असामाजिक भावनाओं को बढ़ावा मिलता है, बल्कि शांतिप्रिय, मेहनती और योगदान देने वाले हिंदू अमेरिकी समुदाय के लिए भी खतरा पैदा होता है। उसने कहा कि इस तरह का कार्य गैर-जिम्मेदाराना पत्रकारिता के समान हैं, जिस पर ध्यान दिया जाना चाहिए।'
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वीएचपी अमेरिका ने हिंदुओं के खिलाफ नफरत को बढ़ावा देने के लिए पश्चिमी मीडिया की निंदा की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की खबरें उस दिन के महत्व को फीका कर दिया है। वीएचपी अमेरिका ने आगे कहा, 'हम पूछते हैं कि आखिर क्यों इन संस्थानों ने हिंदू विरोधियों द्वारा दिए गए तथ्यों को जगह दी।' उन्होंने इसी के साथ पश्चिमी मीडिया संस्थानों को अपने वेबसाइट से ऐसी खबरों को हटाने के साथ हिंदू समुदाय से माफी मांगने की भी मांग की है।
वीएचपी कनाडा और ऑस्ट्रेलिया ने भी की निंदा
वीएचपी कनाडा और ऑस्ट्रेलिया की तरफ से भी इसी तरह का बयान जारी किया गया है। उन्होंने कहा, 'दुनियाभर में हिंदू समुदाय शांतिप्रिय और प्रगतिशील हैं। वे 'वसुधैव कुटुम्बकम' में विश्वास रखते हैं। ऐसे लेख समाज में हिंदू समुदाय के लिए नफरत पैदा कर सकते हैं। यह हिंदूफोबिया को बढ़ावा दे सकता है।'
वीएचपी ऑस्ट्रेलिया ने इसे दुर्भावनापूर्ण और गैरजिम्मेदराना रिपोर्टिंग कहते हुए पश्चिमी मीडिया की निंदा की है। उन्होंने सरकार और ऑस्ट्रेलिया प्रेस काउंसिल से इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। वीएचपी कनाडा ने भी समाचार के लेखों को सुधार कर दोबारा से प्रकाशित करने की मांग की है।