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झाड़ग्राम में अवैध खनन का मामला: ED की रडार पर आए आईएएस अंसार शेख, पूछाताछ के बाद खंगाली जा रहीं फाइलें
Wed, 20 May 2026 09:25 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, कोलकाता।
पीटीआई, कोलकाता।
Published by: राकेश कुमार
Updated Wed, 20 May 2026 09:25 PM IST
सार
देश के सबसे युवा आईएएस अधिकारियों में शामिल अंसार शेख झाड़ग्राम बालू खनन घोटाले में ईडी की जांच के दायरे में आए हैं। कैसे सुवर्णरेखा और कांसबाती जैसी नदियों से करोड़ों रुपये के अवैध खनन पर प्रशासन ने आंखें मूंद लीं? कैसे फर्जी ई-चालान के जरिए राजस्व को चूना लगाया गया? ईडी यही पता लगाने की कोशिश कर रही है।
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बंगाल रेत घोटाला
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
पश्चिम बंगाल से बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय ने झाड़ग्राम जिले के आसपास के नदी तटों से बालू के अवैध खनन और तस्करी के मामले में बुधवार को आईएएस अधिकारी अंसार शेख से लंबी पूछताछ की। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय जांच एजेंसी इस मामले में कई करोड़ रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही है। पश्चिम बंगाल कैडर के 2016 बैच के आईएएस अधिकारी अंसार शेख सुबह साल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में ईडी के दफ्तर पहुंचे। यह एजेंसी का उन्हें दूसरा समन था।
सबसे युवा आईएएस पर प्रशासनिक ढिलाई के आरोप
अंसार शेख उस समय देश भर में सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने महज 21 साल की उम्र में अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की थी। वह देश के सबसे युवा आईएएस अधिकारियों में से एक हैं और फिलहाल मालदा जिले में एडीएम के पद पर तैनात हैं। हालांकि, ईडी की जांच उस अवधि पर केंद्रित है जब शेख झाड़ग्राम में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) के रूप में तैनात थे। आरोप है कि इसी दौरान सुवर्णरेखा, कांसबाती और दुलुंग नदियों के तटों से बड़े पैमाने पर अवैध बालू निकाला गया। विपक्षी दलों ने लंबे समय से इस मुद्दे को उठाया है। विपक्ष का आरोप है कि इस अनियंत्रित अवैध खनन से न केवल पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा, बल्कि राज्य के खजाने को भी करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।
यह भी पढ़ें: बंगाल: 'अगर एक महिला सांसद सुरक्षित नहीं, तो यह कितना गंभीर मामला', BJP नेता की कथित धमकी पर बोलीं सायोनी घोष
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ईडी खंगाल रही फाइलें
जांचकर्ताओं को अंदेशा है कि प्रशासनिक अधिकारियों के एक वर्ग ने बिना वैध लाइसेंस के या खनन नियमों का उल्लंघन करके नदी तटों से हो रहे इस अवैध खनन पर जानबूझकर आंखें मूंद लीं। ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि उस अवधि में बालू का अवैध उठाव और तस्करी बेरोकटोक जारी रही, इसलिए प्रशासनिक भूमिका और संभावित चूकों की गहराई से जांच की जा रही है।
एजेंसी उस दौरान के सभी आधिकारिक रिकॉर्ड खंगाल रही है। एक अन्य अधिकारी के अनुसार, शेख से यह जानने के लिए पूछताछ की जा रही है कि फाइलों की मंजूरी किस स्तर पर हुई, निगरानी की क्या व्यवस्था थी और क्या इसमें कोई प्रशासनिक लापरवाही या मिलीभगत शामिल थी।
जांच के दायरे में कई बड़े नाम और गिरफ्तारियां
यह मामला सिर्फ एक अधिकारी तक सीमित नहीं है। इससे पहले ईडी ने झाड़ग्राम के पूर्व जिला मजिस्ट्रेट सुनील अग्रवाल से भी पूछताछ की थी। इसके अलावा, पिछले साल नवंबर में केंद्रीय एजेंसी ने जीडी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर अरुण सराफ को गिरफ्तार किया था। सराफ पर फर्जी ई-चालान का उपयोग करके बालू की चोरी, अवैध बिक्री और उसके परिवहन का गंभीर आरोप है।
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सबसे युवा आईएएस पर प्रशासनिक ढिलाई के आरोप
अंसार शेख उस समय देश भर में सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने महज 21 साल की उम्र में अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की थी। वह देश के सबसे युवा आईएएस अधिकारियों में से एक हैं और फिलहाल मालदा जिले में एडीएम के पद पर तैनात हैं। हालांकि, ईडी की जांच उस अवधि पर केंद्रित है जब शेख झाड़ग्राम में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) के रूप में तैनात थे। आरोप है कि इसी दौरान सुवर्णरेखा, कांसबाती और दुलुंग नदियों के तटों से बड़े पैमाने पर अवैध बालू निकाला गया। विपक्षी दलों ने लंबे समय से इस मुद्दे को उठाया है। विपक्ष का आरोप है कि इस अनियंत्रित अवैध खनन से न केवल पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा, बल्कि राज्य के खजाने को भी करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।
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ईडी खंगाल रही फाइलें
जांचकर्ताओं को अंदेशा है कि प्रशासनिक अधिकारियों के एक वर्ग ने बिना वैध लाइसेंस के या खनन नियमों का उल्लंघन करके नदी तटों से हो रहे इस अवैध खनन पर जानबूझकर आंखें मूंद लीं। ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि उस अवधि में बालू का अवैध उठाव और तस्करी बेरोकटोक जारी रही, इसलिए प्रशासनिक भूमिका और संभावित चूकों की गहराई से जांच की जा रही है।
एजेंसी उस दौरान के सभी आधिकारिक रिकॉर्ड खंगाल रही है। एक अन्य अधिकारी के अनुसार, शेख से यह जानने के लिए पूछताछ की जा रही है कि फाइलों की मंजूरी किस स्तर पर हुई, निगरानी की क्या व्यवस्था थी और क्या इसमें कोई प्रशासनिक लापरवाही या मिलीभगत शामिल थी।
जांच के दायरे में कई बड़े नाम और गिरफ्तारियां
यह मामला सिर्फ एक अधिकारी तक सीमित नहीं है। इससे पहले ईडी ने झाड़ग्राम के पूर्व जिला मजिस्ट्रेट सुनील अग्रवाल से भी पूछताछ की थी। इसके अलावा, पिछले साल नवंबर में केंद्रीय एजेंसी ने जीडी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर अरुण सराफ को गिरफ्तार किया था। सराफ पर फर्जी ई-चालान का उपयोग करके बालू की चोरी, अवैध बिक्री और उसके परिवहन का गंभीर आरोप है।