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घुसपैठियों पर कसेगी नकेल: पेट्रापोल सीमा पर होल्डिंग सेंटर बनाने की तैयारी में बंगाल सरकार, तेज हुई कवायद

Thu, 28 May 2026 10:00 PM IST
अमन तिवारी पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता Published by: अमन तिवारी Updated Thu, 28 May 2026 10:00 PM IST
सार

पश्चिम बंगाल सरकार उत्तर 24 परगना के पेट्रापोल सीमा क्षेत्र में होल्डिंग सेंटर बनाने की तैयारी कर रही है। प्रशासन ने पिरोजपुर और जयंतीपुर में जमीन का निरीक्षण शुरू किया है। यह कदम सीमा सुरक्षा, अवैध घुसपैठ नियंत्रण और प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर उठाया जा रहा है।

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west bengal gov plans holding centres near petrapole border for illegal immigrants and security management
शुभेंदु अधिकारी - फोटो : पीटीआई

विस्तार

पश्चिम बंगाल सरकार उत्तर 24 परगना जिले में पेट्रापोल सीमा के पास होल्डिंग सेंटर बनाने की योजना पर काम कर रही है। एक सरकारी अधिकारी ने गुरुवार को इस बारे में जानकारी दी। बांग्लादेश सीमा के पास पिरोजपुर में मौजूद एक सरकारी आवास सुविधा को संभावित होल्डिंग सेंटर के रूप में देखा जा रहा है। इसके साथ ही प्रशासन जयंतीपुर इलाके में भी इस उद्देश्य के लिए उपयुक्त जमीन का सर्वे कर रहा है।
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क्या बोले अधिकारी?
जानकारी के अनुसार, गुरुवार को पुलिस और नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने निरीक्षण प्रक्रिया के तहत पिरोजपुर में सरकारी आवास परिसर का दौरा किया। एक वरिष्ठ नौकरशाह ने बताया कि जरूरत पड़ने पर अस्थायी होल्डिंग व्यवस्था के लिए बुनियादी ढांचे की पहचान करने के लिए शुरुआती मूल्यांकन किया जा रहा है। प्रशासनिक और सुरक्षा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कई स्थानों की जांच की जा रही है। हालांकि अधिकारियों ने इस कदम के पीछे का कोई खास कारण स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन सूत्रों का संकेत है कि सीमा से सटे इलाकों में बढ़ती आवाजाही और भीड़ को देखते हुए यह पहल की गई है।
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अधिकारी ने बताया कि पेट्रापोल देश के सबसे व्यस्त लैंड पोर्ट्स में से एक है। पिछले कुछ हफ्तों में यहां गतिविधियों में काफी तेजी आई है, जिसके कारण आसपास के क्षेत्रों में प्रशासनिक ध्यान बढ़ गया है। फिलहाल किसी भी होल्डिंग सेंटर को चालू करने के संबंध में अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
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इस दिशा में पहले भी हुआ है काम
पश्चिम बंगाल सरकार मालदा और मुर्शिदाबाद जिलों में पहले ही इस तरह के होल्डिंग सेंटर स्थापित कर चुकी है। अवैध रूप से देश में प्रवेश करने वाले कुछ बांग्लादेशियों को गिरफ्तार कर वहां रखा गया है। राज्य के गृह और पर्वतीय मामलों के विभाग की विदेशी शाखा ने 23 मई को जिलाधिकारियों को एक निर्देश जारी किया था। इसमें पकड़े गए विदेशियों और सजा पूरी कर चुके विदेशी कैदियों को रखने के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा तैयार करने को कहा गया था। इन लोगों को तब तक वहां रखा जाएगा जब तक उन्हें उनके देश वापस भेजने की कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती।

यह निर्देश केंद्रीय दिशानिर्देशों के अनुरूप एक प्रक्रियात्मक अभ्यास के रूप में तैयार किया गया है। यह कदम मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के उस बयान के कुछ दिनों बाद आया है जिसमें उन्होंने घुसपैठ विरोधी ढांचे को मजबूत करने की बात कही थी। उन्होंने घोषणा की थी कि सरकार ने 'डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट' की नीति अपनाई है। यह शब्द बंगाल में घुसपैठ और सीमा की राजनीति में काफी समय से इस्तेमाल होता रहा है।
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