FB पोस्ट पर पश्चिम बंगाल में बवाल, राज्यपाल पर भड़कीं ममता
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कोलकाता से सटे उत्तर 24-परगना जिले के बशीरहाट व बादुड़िया इलाके में एक आपत्तिजनक फेसबुक पोस्ट पर सांप्रदायिक हिंसा भड़कने के बाद अब राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी में ठन गई है। ममता ने एक प्रेस कांफ्रेंस में राज्यपाल पर धमकी देने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि राज्यपाल की भाषा से वे खुद को अपमानित महसूस कर रही हैं। इस बीच, इस हिंसा पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने अर्धसैनिक बलों के तीन सौ जवानों को मौके पर रवाना कर दिया है।
ममता ने कहा कि फेसबुक पर एक आपत्तिजनक पोस्ट के मुद्दे पर उस इलाके में कल शाम दो संप्रदायों के बीच हिंसा शुरू हुई थी। उन्होंने भाजपा, विश्व हिंदू परिषद और उससे जुडे़ संगठनों पर राज्य में विभिन्न इलाकों में दंगा भड़काने के प्रयास का भी आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे लोग यहां सोशल मीडिया के सहारे अक्सर कुप्रचार का सहारा लेकर दो समुदायों के बीच हिंसा भड़काने का प्रयास करते रहे हैं। दूसरी ओर, भाजपा का आरोप है कि इलाके में हिंसा भड़कने के दौरान कई मंदिर व स्कूल जला दिए गए हैं और दुकानों में लूटपाट की गई है। लेकिन अब तक पुलिस प्रशासन ने हालात पर अंकुश लगाने की कोई ठोस पहल नहीं की है।
पुलिस ने आपत्तिजनक पोस्ट लिखने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इस मुद्दे पर पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज राजभवन जाकर राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी से मुलाकात की थी। उसके बाद ही राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को फोन किया था।
मैं बहुत कम उम्र से ही राजनीति कर रहीः ममता
राज्यपाल के फोन के बाद ममता का गुस्सा भड़क गया। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में राज्यपाल पर धमकी देने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे भाजपा के किसी ब्लाक अध्यक्ष की तरह बात कर रहे थे। ममता ने राज्यपाल से भी कह दिया कि वे इस लहजे में बात नहीं कर सकते। वे ऐसी बातें बर्दाश्त नहीं करेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे राज्यपाल की बातों से इतनी आहत और अपमानित महसूस कर रही हैं कि उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देने की बात भी सोची थी। उन्होंने कहा कि वे किसी राजनीतिक पार्टी या राज्यपाल की दया से नहीं बल्कि आम लोगों के समर्थन से मुख्यमंत्री बनी हैं। उन्होंने राज्यपाल से भविष्य में ऐसा बर्ताव नहीं करने की भी अपील की।
ममता ने कहा कि वे बहुत कम उम्र से ही राजनीति कर रही हैं, लेकिन अपने लंबे राजनीतिक करियर में पहले उनको कभी अपमानित नहीं होना पड़ा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब वे हालात को ध्यान में रखते हुए कुछ कडे़ फैसले लेंगी। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर मामला है और वे इससे गंभीरता से ही निपटेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कल फेसबुक पर एक पोस्ट की वजह से इलाके में हिंसा फैली थी, लेकिन अगर पुलिस वहां फायरिंग करती तो सैकड़ों लोग मारे जा सकते थे।
मुख्यमंत्री ने भाजपा व संघ से जुडे़ संगठनों की निंदा करते हुए कहा कि वे अक्सर सोशल मीडिया के जरिए दंगे भड़काने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि यह तमाम संगठन देश और दो समुदायों को बांटने का प्रयास कर रहे हैं। दूसरी ओर, उनके नेता विदेशों में जाकर मीठी-मीठी बातें करते हैं। ममता ने कहा कि हम यहां गंदी राजनीति नहीं करते। लेकिन इन संगठनों की मानसिकता ही खराब है।