पश्चिम एशिया में जारी जंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बीत दो तीन हफ्तों में जयशंकर जी ने और हरदीप पुरी जी ने सदन को जानकारी दी है। इसका पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर और लोगों के जीवन पर विपरीत असर हो रहा है।
2 of 12
नरेंद्र मोदी
- फोटो : Amar Ujala
भारत की चिंताएं क्यों है अधिक?
उन्होंने कहा कि युद्ध से प्रभावित देशों के साथ भारत के व्यापक व्यापारिक रिश्ते हैं। जिस क्षेत्र में युद्ध हो रहा है, वह दुनिया के दूसरे देशों के साथ हमारे व्यापार का भी एक अहम रास्ता है। खासकर कच्चे तेल और गैस की जरूरतों का बड़ा हिस्सा यही क्षेत्र पूरा करता है। हमारे लिए यह क्षेत्र एक और कारण से भी अहम है। लगभग एक करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते हैं और काम करते हैं। वहां समुद्र में जो वाणिज्यिक शिप चलते हैं, उनमें भारतीय क्रू मेंबर्स की संख्या काफी ज्यादा है। इन कारणों की वजह से भारत की चिंताएं अधिक हैं। यह आवश्यक है कि भारत की संसद से इस संकट को लेकर एकमत और एकजुट आवाज दुनिया में जाए।
3 of 12
पीएम मोदी
- फोटो : Amar Ujala
भारतीयों की सुरक्षा का दिया आश्वासन
उन्होंने कहा कि जबसे यह युद्ध शुरू हुआ है, तबसे ही प्रभावित देशों में भारतीयों को जरूरी मदद दी जा रही है। मैंने पश्चिम एशिया के ज्यादातर राष्ट्राध्यक्षों से दो राउंड फोन पर बात की है। सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का आश्वासन दिया है।
4 of 12
पीएम मोदी
- फोटो : Amar Ujala
इतने भारतीय भारत सुरक्षित लौटे
पीएम ने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 3 लाख 75 हजार से अधिक भारतीय सुरक्षित लौट चुके हैं।
5 of 12
पीएम मोदी ने क्या कहा?
- फोटो : Amar Ujala
खाड़ी देशों में हजारों भारतीय विद्यार्थी पढ़ते हैं
पीएम ने बताया कि इनमें 700 से अधिक मेडिकल की पढ़ाई करने वाले युवा हैं। खाड़ी में हजारों भारतीय विद्यार्थी पढ़ते हैं। सीबीएसई ने इन स्कूलों में 10वीं और 12वीं की परीक्षा को रद्द कर दिया। सीबीएसई इन स्कूलों में बच्चों की निर्बाध पढ़ाई जारी रखने के लिए तत्काल कदम उठा रही है।