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देश के 91 प्रमुख जलाशयों के जलस्तर में 4 फीसदी की बढ़ोतरी

Fri, 17 Aug 2018 08:25 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 17 Aug 2018 08:25 PM IST
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Water level of 91 major reservoirs of the country increased by 4 percent
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एक तरफ जहां हर वर्ष देश के कई राज्य सूखे की चपेट में आते रहते हैं वहीं कुछ ऐसे राज्य भी हैं जहां बाढ़ से तबाही मची रहती है। लेकिन पिछले दिनों में देश के प्रमुख जलाशयों में जलस्तरों की स्थिति में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 16 अगस्त, 2018 को समाप्त सप्ताह के दौरान देश के 91 प्रमुख जलाशयों में 84.743 बीसीएम (अरब घन मीटर) जल संग्रह हुआ। इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 52 प्रतिशत है। 9 अगस्त, 2018 इन जलाशयों में जल संग्रह 48 प्रतिशत के स्तर पर था। यदि पिछले साल की इसी अवधि से तुलना करें तो इस वर्ष जल का कुल संग्रहण का 112 प्रतिशत है जबकि पिछले दस वर्षों के औसत जल संग्रहण का 96 प्रतिशत है।
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इन 91 जलाशयों की कुल क्षमता 161.993 बीसीएम है, जो देश की अनुमानित कुल जल संग्रहण क्षमता 257.812 बीसीएम का लगभग 63 फीसदी है। इन 91 जलाशयों में से 37 जलाशय ऐसे हैं जो 60 मेगावाट से अधिक क्षमता की पनबिजली का उत्पादन कर रहे हैं। 
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 राज्यों के जलाशयों की स्थिति 

उत्तरी क्षेत्र
उत्तरी क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश, पंजाब और राजस्थान आते हैं। इस क्षेत्र में 18.01 बीसीएम की कुल संग्रहण क्षमता वाले छह जलाशय हैं, जो केंद्रीय जल आयोग (सीडब्यूसी) की निगरानी में हैं। इन जलाशयों में कुल उपलब्ध संग्रहण 9.76 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 54 प्रतिशत है। पिछले वर्ष की इसी अवधि में इन जलाशयों की संग्रहण स्थिति 79 प्रतिशत थी। पिछले दस वर्षों का औसत संग्रहण इसी अवधि में इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 69 प्रतिशत था। इस तरह पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में चालू वर्ष में संग्रहण कम है और यह पिछले दस वर्षों की इसी अवधि के दौरान रहे औसत संग्रहण से भी कम है।
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पूर्वी क्षेत्र

पूर्वी क्षेत्र में झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल एवं त्रिपुरा आते हैं। इस क्षेत्र में 18.83 बीसीएम की कुल संग्रहण क्षमता वाले 15 जलाशय हैं, जो सीडब्ल्यूसी की निगरानी में हैं। इन जलाशयों में कुल उपलब्ध संग्रहण 9.87 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 52 प्रतिशत है। पिछले वर्ष की इसी अवधि में इन जलाशयों की संग्रहण स्थिति 47 प्रतिशत थी। पिछले दस वर्षों का औसत संग्रहण इसी अवधि में इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 44 प्रतिशत था। इस तरह पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में चालू वर्ष में संग्रहण बेहतर है और यह पिछले दस वर्षों की इसी अवधि के दौरान रहे औसत संग्रहण से भी बेहतर है।

 

Water level of 91 major reservoirs of the country increased by 4 percent
monsoon
पश्चिमी क्षेत्र

पश्चिमी क्षेत्र में गुजरात तथा महाराष्ट्र आते हैं। इस क्षेत्र में 31.26 बीसीएम की कुल संग्रहण क्षमता वाले 27 जलाशय हैं, जो सीडब्ल्यूसी की निगरानी में हैं। इन जलाशयों में कुल उपलब्ध संग्रहण 11.05 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 35 प्रतिशत है। पिछले वर्ष की इसी अवधि में इन जलाशयों की संग्रहण स्थिति 50 प्रतिशत थी। पिछले दस वर्षों का औसत संग्रहण इसी अवधि में इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 51 प्रतिशत था। इस तरह पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में चालू वर्ष में संग्रहण कम है और यह पिछले दस वर्षों की इसी अवधि के दौरान रहे औसत संग्रहण से भी कम है।

मध्य क्षेत्र

मध्य क्षेत्र में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ आते हैं। इस क्षेत्र में 42.30 बीसीएम की कुल संग्रहण क्षमता वाले 12 जलाशय हैं, जो सीडब्ल्यूसी की निगरानी में हैं। इन जलाशयों में कुल उपलब्ध संग्रहण 20.50 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 48 प्रतिशत है। पिछले वर्ष की इसी अवधि में इन जलाशयों की संग्रहण स्थिति 52 प्रतिशत थी। पिछले दस वर्षों का औसत संग्रहण इसी अवधि में इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 57 प्रतिशत था। इस तरह पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में चालू वर्ष में संग्रहण कम है और यह पिछले दस वर्षों की इसी अवधि के दौरान रहे औसत संग्रहण से भी कम है।

दक्षिणी क्षेत्र

दक्षिणी क्षेत्र में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना एपी एवं टीजी (दोनों राज्यों में दो संयुक्त परियोजनाएं), कर्नाटक, केरल एवं तमिलनाडु आते हैं। इस क्षेत्र में 51.59 बीसीएम की कुल संग्रहण क्षमता वाले 31 जलाशय हैं, जो सीडब्ल्यूसी की निगरानी में हैं। इन जलाशयों में कुल उपलब्ध संग्रहण 33.57 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 65 प्रतिशत है। पिछले वर्ष की इसी अवधि में इन जलाशयों की संग्रहण स्थिति 29 प्रतिशत थी। पिछले दस वर्षों का औसत संग्रहण इसी अवधि में इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 52 प्रतिशत था। इस तरह चालू वर्ष में संग्रहण पिछले वर्ष की इसी अवधि में हुए संग्रहण से बेहतर है और यह पिछले दस वर्षों की इसी अवधि के दौरान रहे औसत संग्रहण से भी बेहतर है।

पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में जिन राज्यों में जल संग्रहण बेहतर है उनमें ओडिशा, छत्तीसगढ़, एपी एवं टीजी (दोनों राज्यों में दो संयुक्त परियोजनाएं), आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु शामिल हैं। जिन राज्यों में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में भंडारण समान रहा, उनमें महाराष्ट्र शामिल हैं।  पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में जिन राज्यों में जल संग्रहण कम है उनमें त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, झारखंड, पश्चिम बंगाल, गुजरात, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश शामिल हैं।
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