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Hindi News ›   India News ›   VHP Meeting in Jammu and Kashmir on 29 and 30 June, Demand for abolishing Article 370

कश्मीर में पहली बार होगी विहिप की शीर्ष बैठक, अनुच्छेद 370 को खत्म करने की हो सकती है मांग

Wed, 26 Jun 2019 11:29 AM IST
Priyesh Mishra अमित शर्मा, नई दिल्ली
अमित शर्मा, नई दिल्ली Published by: Priyesh Mishra Updated Wed, 26 Jun 2019 11:29 AM IST
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VHP Meeting in Jammu and Kashmir on 29 and 30 June, Demand for abolishing Article 370
विहिप (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
एक जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा के पहले गृहमंत्री अमित शाह के जम्मू-कश्मीर दौरे को यात्रा की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी बीच विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) की प्रबंध समिति की 29-30 जून को जम्मू-कश्मीर में बैठक होने वाली है। इस बैठक में विहिप केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर से जुड़े अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए के समीक्षा किये जाने की मांग कर सकती है। 
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बैठक में विहिप से जुड़े देश भर के लगभग पौने तीन सौ वरिष्ठ पदाधिकारी भाग ले रहे हैं। आरएसएस की तरफ से भैया जी जोशी को भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया गया है, हालांकि अन्य व्यस्तताओं के चलते उनके कार्यक्रम में शामिल होने पर संदेह है।  
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 बैठक का यह है एजेंडा

विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के शीर्ष पदाधिकारी डॉक्टर सुरेन्द्र जैन ने अमर उजाला को बताया कि संगठन के विस्तार के लिहाज से यह एक सामान्य बैठक है जो प्रतिवर्ष देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित की जाती है। इस बार विहिप की राज्य इकाई से बैठक को जम्मू-कश्मीर में आयोजित किये जाने की मांग की गई थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। 
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डॉ. सुरेन्द्र जैन के मुताबिक बैठक में चार महत्त्वपूर्ण प्रस्ताव पास किये जा सकते हैं। वे संविधान के अनुच्छेद 370 और 35 A के समीक्षा की मांग करते रहे हैं। यह मांग इस बैठक में भी प्रमुखता से उठ सकती है। इसके आलावा कश्मीरी पंडितों को उनके मूल स्थान पर सुरक्षित वापसी कराना भी उनका प्रमुख एजेंडा है। 

राममंदिर के शीघ्र निर्माण से लेकर कुछ अन्य विषय भी प्रस्ताव के रूप में पास किये जा सकते हैं। इसके पहले हरिद्वार में 18 जून को संतों के मार्ग दर्शक मंडल की बैठक में भी राममंदिर का प्रस्ताव पास किया गया था। उस प्रस्ताव को यहां दोबारा सबके विचार के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।

चुनाव क्षेत्रों का परिसीमन मुख्य मांग

विहिप नेता सुरेन्द्र जैन के मुताबिक जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कश्मीर और एक वर्ग विशेष का प्रभुत्व बढ़ाने के लिए गलत ढंग से परिसीमन किया गया था। जहां जम्मू क्षेत्र में एक विधान सभा क्षेत्र में चार से पांच लाख की आबादी पर एक चुनाव क्षेत्र बनाया गया था। 

वहीं घाटी में सिर्फ एक से डेढ़ लाख की आबादी पर अलग-अलग सीटें बना दी गई हैं। इससे जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कश्मीर घाटी का महत्त्व बढ़ जाता है जबकि ज्यादा आबादी होने के बाद भी जम्मू और लद्दाख का महत्त्व कम हो जाता है। केंद्र सरकार से वे इस असमानता को ख़त्म किये जाने की मांग करने जा रहे हैं। 

गृहमंत्री की यात्रा महत्त्वपूर्ण

गृहमंत्री अमित शाह आज से दो दिवसीय जम्मू-कश्मीर यात्रा पर जा रहे हैं। गृहमंत्री बनने के बाद यह उनकी पहली कश्मीर यात्रा है। उनके साथ इस यात्रा के दौरान गृह सचिव राजीव गाबा भी उपस्थित रहेंगे। इस यात्रा के दौरान वे सेना, सीआरपीएफ, बीएसएफ और स्थानीय सुरक्षा बलों के साथ मिलकर अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा ले सकते हैं। अमरनाथ श्राइन के पदाधिकारियों और विहिप से भी यात्रा की सुरक्षा पर राय मांगी गई है। उनकी राय को भी गृहमंत्री के सामने रखा जा सकता है।
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