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Veer Savarkar Row: सावरकर के नाम पर महाराष्ट्र में बवाल, क्या गठबंधन से भी किनारा कर सकते हैं उद्धव ठाकरे?

Sat, 19 Nov 2022 05:27 PM IST
हिमांशु मिश्रा स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Sat, 19 Nov 2022 05:27 PM IST
सार

राहुल के बयान का सियासी मतलब क्या है? भाजपा का राहुल के बयान पर क्या कहना है? उद्वव ठाकरे की पार्टी का इस पर क्या कहना है? क्या राहुल के बयान के चलते महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी में फूट पड़ सकती है? आइये जानते हैं…
 

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Veer Savarkar Row: Ruckus in Maharashtra, can Uddhav Thackeray walk away from the alliance?
वीर सावरकर पर सियासी घमासान। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की विनायक दामोदर सावरकर (वीर सावरकर) पर की गई टिप्पणी से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल है। राज्य में कांग्रेस के साथ गठबंधन में शामिल शिवसेना (उद्धव गुट) ने राहुल के बयान से किनारा कर लिया। पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमारी पार्टी सावरकर का बहुत सम्मान करती है। उनके लिए किसी भी टिप्पणी से वह और उनकी पार्टी सहमत नहीं है। 
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राहुल के बयान का सियासी मतलब क्या है? भाजपा का राहुल के बयान पर क्या कहना है? उद्वव ठाकरे की पार्टी का इस पर क्या कहना है? क्या राहुल के बयान के चलते महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी में फूट पड़ सकती है? आइये जानते हैं…
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पहले जानिए राहुल गांधी ने क्या कहा? 
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को कहा कि सावरकर ने अंग्रेजों की मदद की थी। उन्होंने अंग्रेजों को खत लिखकर कहा था कि सर, मैं आपका नौकर रहना चाहता हूं। जब सावरकर ने माफीनामे पर हस्ताक्षर किए तो उसका कारण डर था। अगर वह डरते नहीं तो वह कभी हस्ताक्षर नहीं करते। इससे उन्होंने महात्मा गांधी, नेहरू, पटेल जैसे उस वक्त के नेताओं के साथ धोखा किया था। 

राहुल गांधी ने आगे कहा कि अंडमान जेल में, सावरकर ने एक पत्र लिखा और अंग्रेजों से कहा कि मुझे माफ कर दो और जेल से रिहा कर दो। सावरकर ने अंग्रेजों से पेंशन ली, उन्होंने कांग्रेस के खिलाफ काम किया। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने अंग्रेजों के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया और उनकी सेना में शामिल हो गए। 
 

भाजपा ने राहुल के बयान पर क्या कहा? 
राहुल गांधी के बयान पर भारतीय जनता पार्टी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला कहा, ’राहुल गांधी लगातार हिंदुत्व विचारक के खिलाफ अपशब्द और झूठ बोल रहे हैं। अगर राहुल गांधी खुद को सच्चा गांधीवादी मानते हैं तो वह जनता को ये भी बताएं कि महात्मा गांधी और इंदिरा गांधी ने वीर सावरकर को लेकर क्या-क्या कहा था? दोनों ने सावरकर को देश का सच्चा सपूत बताया था। ऐसे में क्या राहुल गांधी महात्मा गांधी और अपनी दादी इंदिरा गांधी की बात को भी नहीं मानते हैं?' 
 

शिवसेना (शिंदे गुट) ने क्या कहा?
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा। शिंदे ने कहा कि राज्य के लोग हिंदुत्व विचारक के किसी भी अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने उद्धव ठाकरे का जिक्र करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में स्वतंत्रता सेनानी का अपमान किया गया जबकि ऐसे भी लोग हैं जिन्होंने इस मुद्दे पर नरम रुख अपनाया है।  
 

उद्धव गुट ने राहुल के बयान पर क्या कहा? 
राहुल के बयान पर उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘हमारी पार्टी सावरकर का बहुत सम्मान करती है। उनके लिए किसी भी टिप्पणी से वह और उनकी पार्टी सहमत नहीं है। उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। पूछा कि केंद्र सरकार ने हिंदुत्व विचारक सावरकर को भारत रत्न क्यों नहीं दिया है? बीजेपी को यह भी बताना चाहिए कि वे पीडीपी (जम्मू और कश्मीर में) के साथ सत्ता में क्यों थे? उन्होंने दावा किया कि पीडीपी कभी भी 'भारत माता की जय' नहीं कहेगी। 

शिवसेना सांसद संजय राउत ने भी इस मामले में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, 'भारत जोड़ो यात्रा जिस उद्देश्य के साथ निकली है, वह यह है कि ये देश जा रहा है तानाशाही की तरफ, महंगाई बढ़ रही है। बेरोजगारी, महिलाओं के खिलाफ अत्याचार बढ़ रहा है। भारत में इस यात्रा को जनसमर्थन मिल रहा है। महाराष्ट्र में ज्यादा समर्थन मिला। ऐसे में वीर सावरकर का मुद्दा लाने की जरूरत नहीं थी। उससे महाराष्ट्र विकास अघाड़ी में दरार पड़ सकती है। क्योंकि हम वीर सावरकर को हमारे श्रद्धा का स्थान मानते हैं और हमेशा रहेंगे।'

राउत ने भाजपा पर भी तंज कसा। कहा, 'हमारा सवाल नकली हिंदूत्ववादियों से है। हम दस साल से वीर सावरकर जी को भारत रत्न देने की मांग कर रहे हैं। केंद्र में भाजपा की सरकार है। इसके बावजूद वीर सावरकर को भारत रत्न क्यों नहीं दे रहे हैं?' 
 

राहुल के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज
विनायक दामोदर सावरकर के पोते रंजीत सावरकर ने भी इस मामले में राहुल गांधी के खिलाफ प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मुंबई के शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई है। रंजीत का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी और कांग्रेस ने सावरकर का अपमान किया है। पहले भी उन्होंने सावरकर का अपमान किया है। अब यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 
 

क्या इस विवाद की वजह से महाविकास अघाड़ी में टूट हो सकती है? 
ये समझने के लिए हमने महाराष्ट्र के वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप रायमुलकर से बात की। उन्होंने कहा, 'इस वक्त शिवसेना आंतरिक कलह से परेशान है। पार्टी के अस्तित्व पर पहले से ही खतरा है। भाजपा और शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट लगातार उद्धव ठाकरे गुट को हिंदू विरोधी बताने में जुटे हैं। ऐसी स्थिति में राहुल गांधी का बयान बड़ा मुद्दा बन सकता है।'

रायमुलकर कहते हैं, 'महाराष्ट्र में मराठी लोग वीर सावरकर को आजादी का नायक मानते हैं। ऐसे में राहुल के बयान से कांग्रेस और शिवसेना उद्धव गुट में दरार पड़ने के आसार से इनकार नहीं किया जा सकता है।  संजय राउत भी इसका जिक्र कर चुके हैं। हालांकि, ये इतना आसान नहीं होगा। अभी शिवसेना उद्धव गुट आंतरिक कलह से परेशान है। ऐसे में वह गठबंधन तोड़ने का रिस्क नहीं लेंगे। वह किसी तरह इस बयान से बचकर निकलने की कोशिश करेंगे। यही कारण है कि उद्धव ठाकरे ने राहुल गांधी पर ज्यादा टिप्पणी न करते हुए वीर सावरकर के लिए भारत रत्न की मांग करके गेंद भाजपा के पाले में ही कर दी है।'
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