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सियासत: महिला आरक्षण और लोकसभा परिसीमन पर कांग्रेस का नया दांव, खरगे ने सरकार के सामने कौन सी शर्तें रखीं?
Thu, 27 Aug 2026 05:24 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Thu, 27 Aug 2026 05:24 PM IST
सार
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से परिसीमन पर सर्वदलीय बैठक बुलाने और सरकार के प्रस्ताव सभी दलों व राज्य सरकारों के सामने रखने की मांग की है। कांग्रेस लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों और राज्यों की सीटों की संख्या अगले 25 वर्षों तक बनाए रखना चाहती है। साथ ही 2029 से महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण लागू करने की मांग है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि परिसीमन को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच सहमति कैसे बनेगी? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
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मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस नेता
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से परिसीमन को लेकर सरकार की प्रस्तावित योजना सभी राजनीतिक दलों के सामने रखने की मांग की है। उन्होंने लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों की संख्या को अगले 25 वर्षों तक बरकरार रखने और 2029 के लोकसभा चुनाव से महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने की मांग भी दोहराई है।
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खरगे ने सरकार से क्या मांग की?
खरगे ने मोदी को लिखे पत्र में कहा कि परिसीमन के प्रस्तावों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई जानी चाहिए। उनका कहना है कि सभी राजनीतिक दलों और राज्य सरकारों को प्रस्तावों का अध्ययन करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। उन्होंने यह मांग ऐसे समय दोहराई है, जब संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने की संभावना को लेकर चर्चा चल रही है।
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लोकसभा की 543 सीटों पर कांग्रेस का क्या रुख है?
खरगे ने कहा कि कांग्रेस की स्थिति स्पष्ट है। लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों की संख्या अगले 25 वर्षों तक नहीं बदली जानी चाहिए। इसके साथ ही राज्यों के हिसाब से लोकसभा सीटों की मौजूदा संख्या भी 25 वर्षों तक बरकरार रखने की मांग की गई है। कांग्रेस का तर्क है कि परिसीमन जैसे बड़े मुद्दे पर जल्दबाजी के बजाय व्यापक राजनीतिक चर्चा जरूरी है।
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