फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court seeks response from Delhi Police on bail plea of Athar Khan in DELHI RIOTS UAPA case

दिल्ली दंगा मामला: अथर खान की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस से सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब

Thu, 27 Aug 2026 03:49 PM IST
राहुल कुमार पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Thu, 27 Aug 2026 03:49 PM IST
विज्ञापन
Supreme Court seeks response from Delhi Police on bail plea of Athar Khan in DELHI RIOTS UAPA case
सुप्रीम कोर्ट अपडेट - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी 2020 में हुए दंगों के पीछे कथित 'बड़ी साजिश' से जुड़े यूएपीए मामले में अथर खान की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने खान की ओर से दायर अपील पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया। खान ने दिल्ली हाईकोर्ट के सात जुलाई के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें उसे जमानत देने से इनकार किया गया था। पीठ ने कहा, 'नोटिस जारी किया जाए। आठ सप्ताह बाद सूचीबद्ध करें।'
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने मामले में राहत देने से इनकार करने वाले ट्रायल कोर्ट के 29 जनवरी के आदेश को चुनौती देने वाली अथर की अपील खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि वह दंगों के दौरान लोगों की मौत कराने की साजिश रचने वाले 'मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक' था और 'सिर्फ स्थानीय स्तर का संचालक' नहीं था।
विज्ञापन


अथर के वकील ने जमानत की मांग करते हुए कहा था कि वह 'स्थानीय स्तर पर मदद करने वाला व्यक्ति' था, करीब छह साल से हिरासत में है और समान स्थिति वाले सह-आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। हाईकोर्ट की पीठ ने सह-आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट के निष्कर्षों पर विचार करने के बाद कहा था कि अथर की भूमिका उन लोगों से 'स्पष्ट रूप से अलग' है, जिन्हें शीर्ष अदालत से राहत मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने कहा था कि संरक्षित गवाह के बयान समेत सामग्री से पता चलता है कि एक व्हाट्सएप ग्रुप चैट में जहां अन्य लोग अहिंसक प्रदर्शन का सुझाव दे रहे थे, वहीं अथर 'हिंसक प्रदर्शन करने के अपने उद्देश्य पर कायम रहा, यहां तक कि मौत कराने की हद तक।' हाईकोर्ट ने कहा था कि लोगों की मौत और निजी तथा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में अथर की प्रथमदृष्टया भूमिका सामने आती है। इसलिए उसका मामला गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), 1967 की धारा 43डी(5) के तहत जमानत के लिए तय कड़ी कसौटी पर खरा नहीं उतरता।

पूर्व कॉल सेंटर कर्मचारी अथर पर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के चांद बाग में हुए प्रदर्शन के मुख्य साजिशकर्ताओं और आयोजकों में से एक होने तथा वहां भड़काऊ भाषण देकर हिंसा के लिए उकसाने का आरोप है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के अनुसार, अथर ने कथित तौर पर गुप्त बैठकों में हिस्सा लिया था। इन बैठकों में उसने कथित रूप से कहा था कि 'दिल्ली को जलाने का समय आ गया है' और सीसीटीवी कैमरों को नष्ट करने की गतिविधियों का समन्वय किया था।

अथर को जुलाई 2020 में गिरफ्तार किया गया था। उस पर फरवरी 2020 के दंगों का 'मुख्य साजिशकर्ता' होने के आरोप में यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया था। इन दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), 2019 और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़की थी।


कार्यकर्ता शरजील इमाम, खालिद सैफी और उमर खालिद समेत अन्य लोगों पर भी इस मामले में बड़ी साजिश में कथित संलिप्तता को लेकर मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed