UP Politics: भाजपा से सीख रही सपा! BJP के पन्ना प्रमुखों के मुकाबले तैयार होंगे सपा के वोटर लिस्ट प्रभारी
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विस्तार
समाजवादी पार्टी ने आगामी लोकसभा चुनावों में भाजपा से मुकाबला करने के लिए अब उसी रणनीति को अपनाया है, जो भाजपा अभी तक चुनावों में अपनाती रही है। इस कड़ी में समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में बूथवार वोटर लिस्ट प्रभारियों को बड़ी जिम्मेदारी दी है। भाजपा के पन्ना प्रमुखों की तौर पर काम करने वाले इन वोटर लिस्ट प्रभारियों की जिम्मेदारी पार्टी कार्यकर्ताओं के वोट न कटने के साथ-साथ एक-एक वोटर से मिलने की भी होगी। इसके अलावा बीते विधानसभा चुनावों में एक हजार वोटों से कम सीटों पर हारने वाली 37 विधानसभा सीटों पर पूरा फोकस कर जिम्मेदारों को तैनात किया गया है।
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प्रत्येक पन्ने पर दर्ज हर व्यक्ति के घर पहुंचे सपा कार्यकर्ता
समाजवादी पार्टी की गुरुवार को हुई वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक में तय किया गया कि उत्तर प्रदेश के सभी बूथों पर वोटर लिस्ट प्रभारियों को चुनाव में बड़ी जिम्मेदारी देकर मैदान में उतारा जाए। जानकारी के मुताबिक समाजवादी पार्टी ने अपने इन वोटर लिस्ट प्रभारियों को अपने-अपने बूथ की प्रत्येक वोटर लिस्ट के प्रत्येक मतदाता से मिलने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा तय यह भी किया गया है कि वोटर लिस्ट में किसी भी कार्यकर्ता का नाम न कटे। समाजवादी पार्टी से जुड़े नेता बताते हैं कि गुरुवार को ही बैठक में जिला अध्यक्षों के माध्यम से सभी बूथों के वोटर लिस्ट प्रभारियों को यह संदेश दिया गया है कि वह प्रत्येक वोटर लिस्ट के पन्ने में दर्ज हर व्यक्ति के घर पहुंचे और उनसे संपर्क स्थापित करें।
नाम और नंबर की हो पूरी जानकारी
समाजवादी पार्टी से जुड़े नेताओं के मुताबिक अगले एक महीने के भीतर सभी बूथों की वोटर लिस्ट प्रभारियों को अपनी रिपोर्ट जिला अध्यक्षों के माध्यम से प्रदेश कार्यालय तक पहुंचानी है। इस दौरान सभी सपाइयों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वह अपनी रिपोर्ट में मिलने वालों के नाम और नंबर का भी लेखा-जोखा अपने पास रखेंगे। इसके अलावा पार्टी की ओर से निर्देश दिया गया है कि प्रत्येक वोटर लिस्ट के पन्ने पर दर्ज व्यक्ति के हर सुख-दुख में भी शामिल होने के लिए पार्टी के कार्यकर्ता और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी पहुंचें। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी कहते हैं कि आने वाले लोकसभा चुनावों से पहले उनकी पार्टी हर तरीके की तैयारियों के साथ सियासी मैदान में उतरने की पूरी रणनीति बना चुकी है। पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता और पदाधिकारियों को बैठकों और जन अभियान के माध्यम से जनता से संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए जा रहे हैं। पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव समेत सभी बड़े नेता लगातार जनसंपर्क अभियान कर रहे हैं।
1000 वोटों के अंतर से हारी हुई सीटों पर हो मजबूत तैयारी
समाजवादी पार्टी की बूथ स्तर पर की जाने वाली बड़ी तैयारियों को लेकर सियासी गलियारों में माना जा रहा है कि भाजपा के पैटर्न पर ही इसे आगे बढ़ाया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषक हरिहर पांडे बताते हैं कि भाजपा ने अपने बूथ जीतो चुनाव जीतो की अवधारणा को और मजबूत करते हुए पन्ना प्रमुखों को जो जिम्मेदारियां दी हैं, उससे उनके चुनाव में कसावट तो दिखी ही है। इसी तर्ज पर समाजवादी पार्टी भी आने वाले लोकसभा चुनावों में कड़ी तैयारी के साथ मैदान में उतरने की पूरी योजना बना रही है। वह कहते हैं कि समाजवादी पार्टी ने भाजपा के इस मुद्दे को भी छूना शुरू कर दिया है, जिसके आधार पर पार्टी हिंदुत्व की बात करती है। हरिहर पांडे के मुताबिक नैमिषारण्य में पूजा पाठ करके समाजवादी पार्टी के बड़े कार्यक्रम की शुरुआत करना और फिर काशी, मथुरा और अयोध्या की तैयारी के साथ अपने आगे के आयोजनों को बढ़ाना, बताता है कि समाजवादी पार्टी आने वाले चुनावों में किस तरह भाजपा से मुकाबला करने के लिए उनके ही 'पैटर्न' पर आगे बढ़ रही है। वह कहते हैं कि हालांकि इसका कितना असर होगा यह तो चुनाव के परिणाम ही बताएंगे।