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हाथरस कांड : केरल के पत्रकार की गिरफ्तारी पर यूपी सरकार को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस
Mon, 16 Nov 2020 01:36 PM IST
Rajeev Rai
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rajeev Rai
Updated Mon, 16 Nov 2020 01:36 PM IST
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supreme court
- फोटो : पीटीआई
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सुप्रीम कोर्ट ने उप्र के हाथरस कांड की पीड़िता के घर जा रहे केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन की गिरफ्तारी के मामले में यूपी सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सिद्दीकी की ओर से बहस करते हुए कहा, 'प्राथमिकी में उनके खिलाफ कोई अपराध नहीं बताया गया है। वह पांच अक्तूबर से जेल में हैं। जब हम मजिस्ट्रेट से पत्रकार से मिलने की अनुमति मांगने गए, तो उन्होंने कहा कि जेल जाओ।'
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सिब्बल से पूछा- सीधे सुप्रीम कोर्ट क्यों आए?
बता दें कि हाथरस में एक दलित लड़की से कथित सामूहिक बलात्कार की घटना हुई थी और बाद में उसकी दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मृत्यु हो गई थी। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन की पीठ ने केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्टस की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से जानना चाहा कि वह इलाहाबाद उच्च न्यायालय जाने की बजाये सीधे यहां क्योें आए?
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सिब्बल ने शीर्ष कोर्ट से पत्रकार कप्पन को जमानत देने का अनुरोध किया और कहा कि उसके खिलाफ कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘प्राथमिकी में उसका नाम नहीं है। किसी तरह के अपराध का आरोप नहीं है। वह पांच अक्टूबर से जेल में है।’
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शुक्रवार को होगी सुनवाई
सिब्बल की दलीलें सुन पीठ ने कहा,‘हम नोटिस जारी करेंगे। इस मामले को शुक्रवार के लिये सूचीबद्ध कर रहे हैं।’ इससे पहले, शीर्ष अदालत ने कहा था कि वह इस याचिका पर चार सप्ताह बाद सुनवाई करेगा और इस दौरान पत्रकारों का संगठन राहत के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय जा सकता है।
बता दें कि पत्रकार सिद्दीकी कप्पन और तीन अन्य को मथुरा पुलिस ने पांच अक्तूबर को उस वक्त गिरफ्तार कर लिया था, जब वे दलित लड़की के परिवार के सदस्यों से मिलने के लिए हाथरस जिले में स्थित उसके गांव जा रहे थे।