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BJP: 'अमेरिका के दबाव में 1988 में भारत ने पाकिस्तान के साथ किया था परमाणु समझौता', भाजपा ने कांग्रेस को घेरा

Thu, 29 May 2025 10:42 AM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: बशु जैन Updated Thu, 29 May 2025 10:42 AM IST
सार

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने एक्स पर पूर्व पीएम राजीव गांधी को अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन की ओर से भेजा गया पत्र साझा किया। उन्होंने लिखा कि जब मैंने यह पत्र देखा तो मुझे शर्मिंदगी महसूस हुई। पत्र के बाद जो हमने समझा वह यह था कि पाकिस्तान और हमने 1988 में अमेरिकी दबाव में परमाणु समझौता किया था।
 

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'Under pressure from America, India signed nuclear deal with Pakistan in 1988', BJP cornered Congress
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे - फोटो : ANI

विस्तार

भारत पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम में ट्रंप की मध्यस्थता को लेकर सवाल उठा रही कांग्रेस को अब भाजपा ने घेरा है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि पूर्व पीएम राजीव गांधी के कार्यकाल में भारत ने अमेरिका के दबाव में 1988 में पाकिस्तान के साथ परमाणु समझौता किया था। एक्स पर पूर्व पीएम राजीव गांधी को अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन की ओर से भेजा गया पत्र साझा करते हुए भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कई दावे किए। दुबे ने दावा किया कि तब भारत ने अमेरिका के दबाव में पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल जिया से बात की थी। 
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भाजपा सांसद ने कहा कि बैठक का एजेंडा भी अमेरिकी राष्ट्रपति रीगन ने निर्धारित किया था। निशिकांत दुबे ने एक्स पर लिखा कि कांग्रेस नाराज क्यों है? जब मैंने यह पत्र देखा तो मुझे शर्मिंदगी महसूस हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन ने तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी को यह पत्र/टेलीग्राम भेजा था। अमेरिकी दबाव में हमने पाकिस्तानी राष्ट्रपति जनरल जिया से बात की। वार्ता का एजेंडा अमेरिकी राष्ट्रपति ने तय किया था। इस पत्र के बाद जो हमने समझा वह यह था कि पाकिस्तान और हमने 1988 में अमेरिकी दबाव में परमाणु समझौता किया था।
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उन्होंने सवाल उठाया कि हमने अपने मित्र सोवियत रूस से अफगानिस्तान समस्या पर जो भी बात की, वह अमेरिकी एजेंडा था। क्या यह शिमला समझौता है? क्या आयरन लेडी गुलामी की मानसिकता है? क्या हम उस समय एक संप्रभु राष्ट्र थे? क्या कांग्रेस भारत को मजबूत बनाने के लिए मोदी जी को गाली दे रही है?



उन्होंने दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने पाकिस्तान के साथ बातचीत में मदद के लिए तत्कालीन संयुक्त राज्य (यूएस) के राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन को एक पत्र लिखा था। एक अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा भारतीय प्रधानमंत्री को लिखे गए एक कथित पत्र को साझा करते हुए दुबे ने कहा कि कि गांधी बनना आसान नहीं है। यह पत्र अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन द्वारा तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री राजीव गांधी को लिखे गए पत्र के जवाब में है। जब 1972 के शिमला समझौते के तहत यह निर्णय लिया गया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी विवाद पर केवल दोनों देशों के बीच बातचीत होगी और कोई मध्यस्थ नहीं होगा, तो तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने पाकिस्तान के साथ बातचीत में अमेरिकी राष्ट्रपति रीगन की मदद क्यों मांगी?

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जदयू सांसद संजय कुमार झा - फोटो : ANI
आतंकियों और उनको बढ़ावा देने वाले देशों में कोई अंतर नहीं करेगा भारत: संजय झा
इंडोनेशिया में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे जेडी(यू) सांसद संजय झा ने कहा कि भारत आतंकवादियों और उन्हें बढ़ावा देने वाले देश के बीच कोई अंतर नहीं करेगा। थिंक टैंक समुदाय और शिक्षाविदों को संबोधित करते हुए सांसद संजय झा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला भारत में सामान्य स्थिति को बाधित करने और वैमनस्य भड़काने के नापाक इरादे से किया गया था। इंडोनेशिया का आतंकवादी कृत्यों की स्पष्ट निंदा करने का संदेश तथा इसके प्रति शून्य सहनशीलता की नीति स्पष्ट है।

उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया ने आतंकवाद के कृत्यों की स्पष्ट निंदा की है तथा आतंकवाद के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई है। भारत आतंकवादियों और उन्हें बढ़ावा देने वाले देश के बीच कोई अंतर नहीं करेगा। हम किसी भी परमाणु ब्लैकमेल को स्वीकार नहीं करेंगे। आतंकवादियों को पनाह देने वाले लोग परमाणु छत्र के पीछे छिप नहीं सकते। हम इंडोनेशिया में थिंक टैंक समुदाय और शिक्षाविदों से भी समर्थन की मांग करते हैं ताकि नीति निर्माताओं को भविष्य के लिए रणनीति तैयार करने में सक्षम बनाया जा सके। जदयू सांसद संजय कुमार झा के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल में अपराजिता सारंगी (भाजपा), टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी, बृज लाला (भाजपा), जॉन ब्रिटास (सीपीआई-एम), प्रदान बरुआ (भाजपा), हेमांग जोशी (भाजपा), सलमान खुर्शीद और मोहन कुमार शामिल हैं।

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कांग्रेस नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि हमारे सात प्रतिनिधिमंडल दुनिया भर में जा चुके हैं। इंडोनेशिया में दुनिया भर में मुसलमानों की सबसे बड़ी आबादी है, जबकि हमारे यहां दूसरी सबसे बड़ी आबादी है। हमारे दुश्मन हमारे समाज के इसी ढांचे को नष्ट करना चाहते हैं। यही वह उद्देश्य है जिसके लिए हम दोस्तों से मिलने और दुनिया में प्रभावशाली लोगों से बात करने आए हैं, ताकि हम देख सकें कि हम आतंकवाद को हमेशा के लिए खत्म करने की रणनीतियों पर एक साथ कैसे काम कर सकते हैं। अतीत में आतंकवाद से पीड़ित देश के रूप में इंडोनेशिया भारत की चिंता को समझता है।


 
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