उमर खालिद केस: पिस्टल से गोली चली या नहीं, पुलिस को संशय
कांस्टीट्यूशन क्लब के बाहर जेएनयू छात्र उमर खालिद पर हुए हमले की प्रारम्भिक जांच में कई पेंच सामने आ रहे हैं। देर रात तक मौके पर मौजूद पुलिस घटना की एक-एक कड़ी को जोड़ने में लगी रही लेकिन उसके हाथ पूरी तरह खाली ही रहे। एसीपी अखिलेश्वर यादव और घटना की जांच में जुटे दूसरे अधिकारियों का कहना है कि घटना स्थल के पास से बरामद हुई पिस्टल देशी है। यादव का कहना है कि इस पिस्टल से गोली चलने के बाद आने वाली बारूद की गंध भी नहीं आ रही है। ऐसे में अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इस पिस्टल से गोली चली भी थी या नहीं।
देर रात घटना स्थल का मुआयना करने वाले पुलिस अफसर के मुताबिक गोली यदि चली है तो उसका खोखा (खोल) कहाँ गया? वह अभी तक नहीं मिल पाया है। सूत्र का कहना है कि पिस्टल की मैगजीन पूरी भरी हुई है। इतना ही नहीं बरामद हुई पिस्टल में जंग लगने के सबूत मिल रहे हैं। ऐसे में इससे गोली चली भी है ऐसा लग नहीं रहा है। कहा यह भी जा रहा है कि पिस्टल में गोली फंसी हुई है।
हमलावर का सुराग नहीं
पुलिस अधिकारी लगातार मामले की पड़ताल कर रहे हैं। तीन डीसीपी, चार एसीपी 12 पुलिस इंस्पेक्टर समेत अन्य एजेंसियां भी जांच में लगी हैं। आसपास की बिल्डिंग में लगे दर्जनो सीसीटीवी खंगालने के बाद भी आरोपी का सही हुलिया नहीं तैयार किया जा सका है। सूत्र बताते हैं कि आईएनएस या रिजर्व बैंक अथवा आगे के कैमरे से साफ चेहरा समझ में नहीं आ रहा है। इसके लिए विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। पुलिस अफसरों का कहना है कि मामले की पड़ताल के लिए आधा दर्जन से अधिक टीमें बनाई गई हैं।
कितने थे हमलावर
हमलावर की संख्या पर भी पुलिस की जांच अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। गोली एक चली या दो या फिर चली ही नहीं, पिस्टल में फंसकर रह गई, यह अभी भी जांच का विषय बना हुआ है। हमलावर अकेला था या उसके साथ कोई और, यह भी जांच का विषय है। कुछ चश्मदीद के अनुसार एक गोली चलने की आवाज आई थी, कुछ का कहना है दो गोलियां चली थी।
कुछ चश्मदीद के अनुसार हमलावर पिस्टल हाथ में लेकर उमर के पास आया था और कुछ का कहना है हाथा-पाई से छुड़ाने के बाद हमलावर ने कुछ मीटर दूर जाकर आईएनएस के पास पिस्टल लहराई, पीछे मुड़कर खालिद की तरफ देखा। पुलिस के संयुक्त आयुक्त अजय चौधरी ने उमर खालिद से आरंभिक पूछताछ के बाद खालिद और हमलावर के बीच में हाथा-पाई तथा चश्मदीद के आधार पर गोली चलने की आवाज आने को स्वीकार किया था। डीसीपी मधुर वर्मा का भी कहना था किसी हमलावर ने उमर खालिद को धक्का देकर उस पर हमला करने का प्रयास किया। लेकिन इस पूरी घटना से अभी तक पर्दा नहीं उठ सका है।
दिन में डीसीपी मधुर वर्मा यह कह चुके हैं कि उमर खालिद के मुताबिक उस पर हमला हुआ है। पुलिस अधिकारी उमर पर एक भी खरोंच न आने की बात कह रहे हैं।
हत्या के प्रयास का मामला दर्ज
फिलहाल पुलिस हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच कर रही है। पुलिस उमर खालिद से पूछताछ तथा घटना के संदर्भ में जानकारी लेकर खालिद की थ्योरी पर ही जांच को आगे बढ़ा रही है। उम्मीद है कि अगले एक दो दिन में मामले को सुलझाकर पुलिस आरोपी को गिरफ्त में ले लेगी।