फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Political chaos on the budget, Opposition parties will meet EC today

EC से मिला विपक्ष, 8 मार्च के बाद बजट पेश करने की मांग

Thu, 05 Jan 2017 05:28 PM IST
टीम डिजिटल/ ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 05 Jan 2017 05:28 PM IST
विज्ञापन
Political chaos on the budget, Opposition parties will meet EC today

उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम घोषित होने के बाद 1 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट को लेकर मचे सियासी कोहराम के बीच आज विपक्ष ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया। विपक्ष ने चुनाव आयोग से गुहार लगाई कि आम बजट 8 मार्च को पांचों राज्यों में विधानसा चुनाव संपन्न होने के बाद पेश हो।

विज्ञापन


वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि, 'चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार वोटरों को रिझाने के लिए लोक-लुभावन बजट ला सकती है। निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए यह जरुरी है कि सरकार को तय वक्त से पहले बजट लाने से पहले रोका जाए।'
विज्ञापन


इससे पहले कांग्रेस समेत कई दल चुनाव से ठीक पहले आम बजट पेश करने पर आपत्ति जताते हुए राष्ट्रपति भवन का दरवाजा खटखटा चुके हैं। चुनाव आयोग से मिलने वाली विपक्षी पार्टियों में तृणमूल कांग्रेस, बसपा, जेडीयू, आरजेडी, कांग्रेस शामिल हैं। हालांकि इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने विपक्ष की आम बजट की तारीख टालने संबंधी मांग पर विचार विमर्श के बाद फैसला लेने की बात कही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं भाजपा के साथ हर मुद्दे पर टकराव की भूमिका निभाने वाली शिवसेना ने अब एक फरवरी को संसद में पेश होने वाले बजट को लेकर खुला विरोध किया है। उद्धव ठाकरे ने बुधवार को कहा कि पांच राज्यों में चुनाव की घोषणा हो चुकी है इसलिए चुनाव के दौरान संसद में आम बजट प्रस्ताव नहीं पेश किया जाना चाहिए, क्योंकि सत्ताधारी दल इसका फायदा ले सकते हैं।

इसलिए राष्ट्रपति से अपील है कि वे विशेषाधिकार का उपयोग करें। उद्धव ने कहा कि आम बजट प्रस्ताव में लोक लुभावन योजनाएं घोषित की जाती हैं। इससे  आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन होगा। इस तरह की योजनाएं बजट प्रस्ताव में घोषित होने से विपक्षी पार्टियों को चुनाव में नुकसान हो सकता है जबकि सत्ताधारी दल इसका फायदा उठा सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि केंद्रीय बजट पांच राज्यों के चुनाव संपन्न होने के बाद पेश किया जाए।

पीएम पर भी साधा निशाना

Political chaos on the budget, Opposition parties will meet EC today

महाराष्ट्र में अगले महीने होने वाले मुंबई सहित राज्य के 10 महानगरपालिका चुनाव और जिला परिषद चुनाव की तैयारी को लेकर उद्धव ने बांद्रा स्थित रंग शारदा में राज्य स्तरीय पार्टी पदाधिकारियों की बैठक बुलाई थी, जिसमें उन्होंने आम बजट प्रस्ताव का डटकर विरोध किया।

उन्होंने नोटबंदी को लेकर एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उद्धव ने सवाल किया कि इस नोटबंदी से आम जनता को तकलीफ के अलावा कुछ भी नसीब नहीं हुआ। 31 दिसंबर को पीएम मोदी ने गर्भवती महिलाओं के लिए 6000 रुपये देने की घोषणा की जबकि इसमें नया कुछ भी नहीं है। यह पुरानी योजना है।

उद्धव ने धर्म, जाति और भाषा के आधार पर वोट मांगने को गैरकानूनी करार दिए जाने पर कहा कि शिवसेना क्या कहती है इस पर पूरे देश की निगाह होती है। हम हिंदू धर्म के आधार पर वोट नहीं मांगते लेकिन जब हिंदू धर्म की रक्षा की नौबत आएगी तो हम उससे पीछे नहीं हटेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed