ट्विटर ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की प्रोफाइल फोटो को हटाने के बाद फिर से लगाया
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Twitter restores profile photo of Union Home Minister Amit Shah's account, earlier it had removed the photo over claims in “response to a report from a copyright holder”. pic.twitter.com/uhW3kNtpgn
— ANI (@ANI) November 12, 2020विज्ञापन
दरअसल, सोशल नेटवर्किंग साइट ट्वीटर पर गुरुवार को कुछ देर के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ट्वीटर अकाउंट की प्रोफाइल फोटो नहीं दिखाई दे रही थी। जिसके बाद कई लोगों ने उसके स्क्रीनशॉट शेयर करने शुरू कर दिए। प्रोफाइल पिक्चर की जगह ट्वीटर का एक नोटिस लिखा हुआ रहा था जिसमें कॉपीराइट मामले के तहत प्रोफाइल फोटो को हटाने की बात कही गई थी।
अमित शाह के प्रोफाइल पिक्चर पर जब गुरुवार दिन में भी क्लिक किया जा रहा था तो उस पर एक नोटिस लिखा हुआ दिखाई दे रहा था जिसमें लिखा था 'कॉपीराइट के रिपोर्ट के चलते इमेज को हटाया गया है।' जिसका कई ट्विटर यूजर्स ने स्क्रीनशॉट भी शेयर किया। काफी देर तक उनकी डीपी पर यही लिखा हुआ आ रहा था।
हालांकि बाद में फिर प्रोफाइल पिक्चर दिखने लगी, लेकिन ये साफ नहीं हो पाया कि आखिर अमित शाह की प्रोफाइल पिक्चर पर किसने कॉपीराइट का मुद्दा उठाया था।
बता दें कि अमित शाह के ट्विटर पर दो करोड़ 30 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद केंद्र सरकार में दूसरा सबसे शक्तिशाली व्यक्ति माना जाता है। संयोग से, उनकी डीपी उसी दिन गायब हो गई जब खबर यह थी कि सरकार ने लद्दाख के बजाय जम्मू और कश्मीर के हिस्से के रूप में लेह दिखाने के लिए ट्विटर को नोटिस दिया है।
गुजरात में विरोधियों पर बरसे शाह
गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार को विपक्षी दलों को आडे हाथों लिया। उन्होंने कहा कि बिहार, गुजरात और अन्य राज्यों, जहां पर हाल में चुनाव हुए हैं वहां के लोगों ने उन नेताओं को खारिज कर दिया है जो हर चीज में केवल खामी निकालते हैं। शाह ने कहा कि लोगों ने एक संदेश दिया है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पीछे खड़े हैं।
शाह सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत गुजरात के कच्छ जिले के धोरडो में ‘सीमांत क्षेत्र विकासोत्सव-2020’ में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि ‘ऐसे नेता बहुत अधिक बोलते हैं क्योंकि वे मानते हैं कि उनके झूठ को सच के तौर पर स्वीकार कर लिया जाएगा, यदि वे उसे दोहराते रहेंगे।'
शाह ने कहा, ‘जो दल और नेता हर चीज में खामी निकालते हैं, उन्हें बिहार, गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, लेह-लद्दाख, तेलंगाना और मणिपुर में हाल में हुए चुनावों में कुल मिलाकर हार का सामना करना पड़ा क्योंकि लोगों ने भाजपा को चुना।’